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फ़िल्मी नैरेटिव यानी प्रोपगैंडा

by ओम लवानिया
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फ़िल्मी नैरेटिव यानी प्रोपगैंडा! जब द कश्मीर फाइल्स का ट्रेलर दर्शकों के बीच पहुँचा था। कि अनुपमा चोपड़ा ने फाइल्स को प्रोपेगैंडा तमगा दे डाला। इससे पहले भी कई कंटेंट को अति राष्ट्रवाद व हिंदुत्व करार दिया जा चुका है। ख़ैर।
जब निर्देशक फ़िल्में बनाते है। तब यक़ीनन अपनी विचारधारा का नैरेटिव खड़ा करते है। दर्शकों के दिमाग में छवि क्रिएट करते है। पिछले क्लोजिंग साल दिसंबर में दर्शकों के बीच 83 कंटेंट पहुँचा था। जो 1983 के वर्ल्ड कप पर के इर्दगिर्द लिखा गया। इसमें लेखक-निर्देशक ने माहौल देने की कोशिश की थी। कि चिचा को भारत मैच की इतनी तलब थी। एंटीना सेट करके मैच देखने की पुरज़ोर कोशिश करते है। कर्रे वाले समर्थक रहते है। बॉर्डर पर भी तनाव कम बतलाया। ब्ला ब्ला ब्ला।
जब रील से रियल में नजर डालते है। तो सुनने को मिलता है। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की हार पर पटाख़े फोड़े गए। स्कूल से मैडम गिरफ्तार हुई। स्कूल से निकाल दिया। वैसे भी कई दफा पड़ोसी पाक के साथ मैच पर पाक के समर्थन में नारेबाजी और आतिशबाजी होती रही है। पर ब्ला ब्ला ब्ला
उसके बाद 2022 में द कश्मीर फाइल्स के पन्ने में भी क्रिकेट मैच का मामला आया है। उसमें शिवा सचिन तेंदुलकर के सिक्स पर जश्न मानता है तो उसके साथ खेल रहे मित्र उससे झगड़ा करने लगते है। विवेक ने ये रेफरेंस 1983 वर्ल्ड कप से लिया है। जब भारत-वेस्टइंडीज के मैच में वेस्टइंडीज का सपोर्ट कर रहे थे।
इन नैरेटिव के खिलाफ़ किसी फिल्म समीक्षक की कलम से शब्द न निकलते। स्याही सुख जाती है। पन्ने भर जाते है। लेकिन जब रील में रियल की सच्चाई डाल दी जाए। तो कलप जाते है। भड़क जाते है। बिलबिलाते है। ढेरों आर्टिकल लिख दिए जाते है। ताकि रील में जो असल सच उड़ेला गया है। उसकी छवि उनके बनाए नैरेटिव को ध्वस्त न कर पाए। ख़ैर।
निर्देशक फरहाद सामजी ने मेरे विश्वास को कतई न तोड़ा। बल्कि उससे ऊपर निकले, ऐसी ख़बरें है। इनकी काबलियत सिर्फ़ ढाई मिनट तक संभाले भर की है। 2.30 घण्टे में कई बार बिखर जाते है। अब निर्देशक बिखर गया न! तो अपने कंटेंट को समेट न पाता है। बिल्कुल इसी प्रतिभा के धनी है सामजी….इसलिए मुझे उनके टेलेंट पर संदेश नहीं है। बोले तो बच्चन पांडे।
ट्रेड पंडितों ने कहा है कि आज बॉक्स ऑफिस पर बढ़ती स्क्रीन काउंट में फाइल्स अपने ट्रेंड को बनाए रखती है या थोड़ा एज ले जाती है। तो दोनों कंटेंट का आंकड़ा 25-30 के बीच निकलेगा। अब इसमें बच्चन कितना खींचती है। वक्त बताएगा।

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