Home राजनीति “आप” की जीत संदेश क्या देती है ?

“आप” की जीत संदेश क्या देती है ?

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मेरे दादा जी ने पुराने अखबारों की कटिंग को एक किताब बनाकर रखा है , 1960 से लगातार 21 वीं सदी तक की कटिंग है । उनके कुछ मित्र जो कम्युनिष्ट, आरएसएस, जन संघ , कांग्रेसी भी थे उनकी मदद से कुछ अख़बारों की कटिंग अंग्रेजों के जमाने तक की है…
और शुरुआती दिनों के अखबार दादा जी के पिता जी विरासत में देकर गए थे।
इन सभी कटिंग को पढ़ने से कई फायदे होते हैं जिनमें से सबसे प्रमुख फायदा है कि कहीं न कहीं उस समय जनता की सोच कैसी रहती थी, मीडिया हाउस कैसे काम करता था इन सभी चीजों के बारे में पता चलता है।
यूँ कहें तो लगभग हम अतीत की यात्रा कर लेते हैं।
मुझे याद है कि एक कटिंग मुझे ऐसी दिखी थी जिसमें जब bjp पहली बार 1996 में सरकार बनाने की स्थिति में आई तो लोगों ने कहा;
क्या देश में विभाजनकारी साम्प्रदायिक ताकतें मजबूत होने लगी हैं..?
कुछ संपादकीय लेखों में यह तक लिखा गया था कि bjp का उदय देश की अखंडता एकता के लिए खतरनाक है।
हालांकि सरकार मात्र 13 दिन ही चली,
अब हमें इसमें से समझना क्या है ..?
दरअसल समझना यह है कि काँग्रेस शाब्दिक आदर्शवाद गठबंधन , जोड़ तोड़ से सरकार बनाने तक ही खुद को सीमित कर लेती है और bjp पर देश विरोधी होने का आरोप लगाती रही ।
भारत माता की जय, वंदे मातरम जो कभी कांग्रेस के नारे हुआ करते थे वो सिर्फ bjp के नारे हो गए ।
कांग्रेस और उसके समर्थक bjp को जितना देशद्रोही और देश के लिए घातक बताते रहे उतना ही bjp मजबूत होती गई।
दरअसल आरोपों की भी एक सीमा होती है यदि आप किसी को 24 घंटे देशद्रोही कहते रहेंगे तो इन आरोपों का भी रीचार्ज खत्म हो जाता है और हुआ वही, अंततः bjp ने पलटकर कांग्रेस को ही देश द्रोही बना दिया जनता की नज़र में …..
ठीक इसी तरह से आम आदमी पार्टी पंजाब तोड़ देगी, उसे खालिस्तान बना देगी ,यह बात जब बहुत ही अधिक बोली जाने लगेगी तब इन आरोपों का भी कोई महत्व नहीं रह जायेगा, कुमार विश्वास ने केजरीवाल पर आरोप लगाकर उन्हें कमजोर करने के बजाय मजबूत ही किया ।
तनिक ध्यान दें आम आदमी पार्टी के पास क्या क्या है ..?
आम आदमी के पास कांग्रेस का मुस्लिम तुष्टिकरण भी है,
आम आदमी के पास bjp का ” भारत माता की जय नारा भी है “, वंदे मातरम भी है , सेक्युलरिज्म भी है और सबसे बडी बात फिलहाल देखा जाय तो अनुशासन भी है जो कि सबसे प्रमुख है यदि यह बना रहा तो आम आदमी पार्टी धीरे धीरे हर जगह पहुंच जाएगी।
तो यदि निष्पक्ष आकलन करें तो आम आदमी पार्टी वहाँ वहाँ आसानी से पनपेगी जहाँ जहाँ bjp और काँग्रेस है ।
अब प्रमुख बात यह है कि bjp भी यह विचार करे कि क्या वह भी काँग्रेस की तरह गलती करेगी और आम आदमी पार्टी जैसी पार्टी को पनपने देगी जो कि उसी की तरह पूरे देश में फैलने का दृष्टिकोण रखती है।
एक बात हमेशा ध्यान रखें “अतीत कपड़े बदलकर वापस आता है “

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