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कांप काहे रहे हो बे

by ओम लवानिया
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कांप काहे रहे हो बे….दरअसल, इस संवाद को मूल से थोड़ा बदला है। असल भाव ‘कांप काहे रही हो’ था ख़ैर।
17 दिसंबर 2021 तक सबकुछ ठीक था, बॉलीवुड के निर्माता-निर्देशक बाहुबली की गूंज भूल चले थे। क्योंकि चीन से दंगल को उठा दिया गया। वाक़ई जांच का विषय है कि क्वाटर भर आंखें खोलने वाले चीनियों को दंगल में ऐसा क्या नजर आ गया। कि 1400 करोड़ कमाई करवा दी। सीक्रेट सुपर स्टार 500 करोड़, बाक़ी कोई भारतीय कंटेंट पसन्द न आया।
दिसंबर 2021 पोस्ट कोरोना दक्षिण भारत तेलुगु से पुष्पराज पैन इंडिया आया और भारी तस्करी कर गया। जबकि बिना तैयारी के निकला था। इसकी हिंदी बेल्ट तस्करी ने बॉलीवुड व साउथ इंडस्ट्री में खलबली मचा दी। उसके बाद ट्रिपल आर और केजीएफ़ चैप्टर 2 ने बॉलीवुड के निर्माताओं को सदमे में पहुँचा दिया है।
तभी तो अभिनेता भीखू मात्रे यानी मानोज वाजपेयी कह रहे है कि पुष्पा, ट्रिपल आर और केजीएफ़ चैप्टर 2 की सफलता ने बॉलीवुड को डरा दिया है। वाजपेयी ने आगे जोड़ा है निर्माता कांप रहे है।
साउथ बनाम बॉलीवुड विमर्श जोर पकड़ता जा रहा है। जबकि केजीएफ़ अध्याय 2 के बाद बॉलीवुड के समीक्षकों में बदलाव आया है जिन बॉलीवुड कंटेंट की धज्जियां उड़ाया करते थे, अब उन्हें सपोर्ट कर रहे है।
अनुपमा चोपड़ा ने यश से कहा कि हिंदी बेल्ट आयुष्मान खुराना और राजकुमार यादव को देखना पसंद करती है क्योंकि वे रिलेट करते है। यहाँ ध्यान देने वाली बात है। उनके इस कथन में बॉलीवुड के ए लिस्टर हीरो के नाम न थे।
इसपर यश ने अच्छा जबाव देकर अनुपमा को आईना दिखलाया, मेरे कंटेंट में मास है और उनसे मास जुड़ता है जिन्हें किरदार फील होता है। ये कंटेंट प्रिविलेज कम्युनिटी की समझ से बाहर है।
आयुष्मान व राजकुमार अच्छे कंटेंट करते है लेकिन पिछले कंटेंट कमर्शियल के चक्कर में बैठ गए। आयुष्मान तो नैरेटिव व प्रोपेगैंडा वाले कंटेंट का मोहरा मात्र रह गए है।
साउथ के पिछले कंटेंट में यक़ीनन कहानियां साधारण रही, परन्तु…परन्तु स्क्रीन प्ले असाधारण लिखे गए, मास में दर्शक इन स्क्रीन प्ले से अच्छे से कनेक्ट हुए। फ़िल्म मेकिंग में कहानी कहने की कला को ही देखा जाता है। असाधारण कंटेंट को साधारण स्क्रीन प्ले डब्बा बना चुके है।
साउथ बनाम बॉलीवुड से भारतीय सिनेमा को फायदा होगा। अच्छा कंटेंट देखने को मिलेगा। प्रोपेगैंडा व नैरेटिव हिंदी बेल्ट में कतई न चलेगा, इतना तय हो चला है। निष्पक्षता ही चलेगी….
मानोज वाजपेयी से पहले कल्लू मामा ने तंज कसा था, हमारे लौंडे गुटखा ही बेचेंगे। वक्त तो बदला है टाइगर श्रॉफ ने मन्नत के बाद प्रार्थना की। इससे पहले ऐसे दृश्य एडिट कर दिए जाते है।
बॉलीवुड के डाई हार्ड फैंस किस किस का मुँह को बंद करेंगे।

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