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जगमोहन न होते तो कोई बताने वाला नहीं होता

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जगमोहन न होते तो कोई बताने वाला नहीं होता कि कश्मीर में हुआ क्या था
जब कश्मीरी पंडितों पर जुल्म शुरु हुआ तो दो दिन में नहीं हुआ। जैसे आप के या किसी भी के पैदा होने में बहुत समय लगता है वैसे ही कोई भी समस्या दो-एक साल में पैदा नहीं होती। जगमोहन को राज्यपाल बना कर भेजा ही इसी लिए गया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई थी।
राज्यपाल बनने के समय जगमोहन का भाजपा से कोई नाता नहीं था। आई ए एस अफ़सर रहे थे। कांग्रेस के संजय गांधी के ख़ास थे। दिल्ली में संजय गांधी के कहे पर तुर्कमान गेट को तोड़ने के लिए जाने जाते थे। वी पी सिंह सरकार की ग़लती यह थी कि तुरंत फ़ौज उतार देनी चाहिए थी , कश्मीर में। नहीं उतारी। जगमोहन कहते रह गए , फ़ौज भेजिए।
कश्मीर की सारी समस्या ही 370 थी। जो कांग्रेस की नेहरु सरकार ने लागू की थी। इस लिए दोषी कांग्रेस। बातें और भी बहुत हैं कांग्रेस और कश्मीर के बाबत। एक पोस्ट में लिख पाना मुमकिन नहीं। हां , जगमोहन ने एक बड़ा काम यह किया कि तमाम कश्मीरी पंडितों को वहां से भागने में मदद की। साफ़ कहा कि यहां से भागो। पहले अपनी जान बचाओ। जान बचेगी तब ही कुछ बचेगा।
कश्मीरी पंडितों को सुरक्षा और वाहन उपलब्ध करवाया। जम्मू भेजा। नहीं बहुत बड़ा नरसंहार होता। कोई बताने वाला भी नहीं बचता कि कश्मीर में हुआ क्या। आतंकी यासीन मलिक की फ़ोटो कभी देखी है , मनमोहन सिंह के साथ ? न देखी हो तो इस पोस्ट में देख लें। वही यासीन मलिक जिस ने केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के कहने पर मुफ्ती की बेटी का अपहरण किया , कुछ आतंकियों को छुड़ाने के लिए। भला कोई अपनी बेटी का अपहरण भी करवाता है ? मुफ्ती ने करवाया। यह मुफ्ती ही था , जिस ने कश्मीर में फ़ौज नहीं उतारने की सलाह दी थी वी पी सिंह को। यह मुफ्ती तब केंद्रीय गृह मंत्री था।
ग़लती भाजपा की भी थी कि उस ने तभी वी पी सिंह सरकार से समर्थन वापस नहीं लिया। लेकिन भाजपा ने 370 ख़त्म कर कश्मीर को काफी नियंत्रित किया है अब। अभी और करेगी। बहुत टाइम लगेगा अभी कश्मीर को राइट टाइम करने में। दो-चार दिन या किसी पंचवर्षीय योजना में ठीक होने वाला नहीं है कश्मीर।
कुल हासिल यह कि कश्मीर का बुरा हाल करने में कांग्रेस का अस्सी प्रतिशत हाथ है। राजीव गांधी सरकार ने भी कश्मीर को खूब झुलसाया था। वी पी सिंह सरकार का 20 प्रतिशत। मनमोहन सिंह ने तो कश्मीरी आतंकियों को दामाद ही बना रखा था। कारण सिर्फ़ एक था , मुस्लिम वोट बैंक की गुलामी। और कुछ नहीं। इस मुस्लिम वोट बैंक की क़ीमत सिर्फ़ कश्मीरी पंडित ही नहीं , पूरे देश ने भुगती है। मनुष्यता ने भुगती है। अब लगाम लगी है इस मुस्लिम वोट बैंक पर। भाजपा तो कश्मीर को दुरुस्त कर रही है निरंतर। कश्मीर में पत्थरबाजी बंद है। हिंसा बंद है। देश में आतंकी घटनाएं पूरी तरह बंद हैं। सात साल में और कितना नतीज़ा चाहते हैं।
फिर कश्मीर फ़ाइल्स फ़िल्म ऐसी किसी फाइंडिंग पर नहीं गई है कि कश्मीर की इस दुर्दशा और नरसंहार में किस राजनीतिक दल की क्या भूमिका थी। कोई इशारा भी नहीं। लेकिन कांग्रेस अपने मुंह की कालिख छुपाने के लिए ऐसा भाजपा , जगमोहन नैरेटिव चलाए हुई है। और कांग्रेस के अल्सेशियन संसद से लगायत सोशल मीडिया तक पर यह ग़दर मचाए हुए हैं। कश्मीर देश का मुकुट है , उस को अपनी शान समझिए। सब ठीक होगा। पर टाइम लगेगा। बहुत लगेगा।

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