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सनातन_स्टेशन_आगमन..

राकेश गुहा

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मार्च 2017 का दिन था. चुनावी स्टेशन पर भारी भीड़ थी.
तीन अलग-अलग प्लेटफार्म राष्ट्रवादी !! जातिवाद !! तुष्टिकरण !! पर भीड़ अपनी-अपनी ट्रेन का इंतजार कर रही थी.
कुछ ही देर में जातिवाद प्लेटफॉर्म पर नीले रंग की ट्रेन आई, चूँकि भीड़ कम थी ट्रेन खाली रह गई. बमुश्किल से एक ही डिब्बा भरा होगा ट्रेन सिटी की आवाज देते हुए चली गई.
कुछ समय पश्चात तुष्टिकरण प्लेटफॉर्म पर हरे रंग की ट्रेन आयी. वहां थोड़ी भीड़ ज्यादा थी लेकिन इतनी भी नही की ट्रेन भर जाए. कुछ डिब्बों को भर, शेष खाली हरी ट्रेन भी अपने गंतव्य की और रवाना हो गई.
उधर राष्ट्रवादी प्लेटफार्म पर जबर्दस्त भीड़ थी. करोड़ो लोग अपनी भगवा ट्रेन का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे,
उनमें से एक मैं भी था. भगवा ट्रेन का आगमन हुआ, जबर्दस्त भीड़ और उत्साह से सिर्फ चन्द मिनटों में ही भगवा ट्रेन खचाखच भर गई. भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कुछ लोग अभी भी प्लेटफॉर्म पर खड़े थे, वे सारे ट्रेन की छत पर चढ़ गए, जो बचे थे वो दरवाजो पर लटक गए.
भगवा ड्राईवर ने सिटी दी, कुहूहूहूss… छुकss छुकss… करती हुई ट्रेन आगे बढ़ने लगी.
अंदर बैठे सभी राष्ट्रवादियो में गज़ब का जोश था, उत्साह था, जो समाए न समा रहा था. सपना जैसे साकार लग रहा था अब तो सनातन स्टेशन आकर रहेगा. देशद्रोहियो, हिन्दूविरोधियों की खैर नही. ट्रेन किसी भी जातिवाद, सेक्युलर स्टेशन पर नही रुकेगी जो भी बीच मे आएगा, भगवा ड्राइवर उसके परखच्चे उड़ा देगा जैसे विचार सभी के मन में उमड़ रहे थे.
उत्साह चरम पर था. जय श्री राम !! वन्दे मातरम !! भारत माता की जय !! से भगवा ट्रेन गूँज उठी.
विलक्षण नजारा देखकर मेरे चक्षु खुशी के अश्रु से भीग चुके थे.
लेकिन तभी मेरा ध्यान ट्रेन में लगे कारागृहनुमा डिब्बेपर गया जो बन्द था, मुझे आश्चर्य हुआ आखिर इतनी भीड़ में भी डिब्बा खुला क्यों नही है.
ट्रेन अपनी उच्च गति से आगे बढ़ रही थी. उसी गति से राष्ट्रवादियो का जोश हिलोर मार रहा था.
किंतु ये क्या !! ट्रेन की गति धीमी होने लगी. सब आश्चर्य में पड़ गए.
दूर से धुँआ उठता हुआ दिखाई दे रहा था, उत्सुकता बढ़ती जा रही थी.
तभी कानों में दंगो की आवाज सुनाई दी..
भगवा ड्राइवर तुरंत ट्रेन से उतरा और दंगाइयों की संपत्ति जब्त कर फोटो प्लेटफार्म पर लगा दी.
सभी दंगाइयों को कारागृहनुमा डब्बे में ठूंस दिया..
पूरी भगवा ट्रेन जय श्री राम !! जय जय श्री राम !! के भव्य नारों से गूंज उठी.
ट्रेन उच्च गति से बढ़ने लगी. छुकss छुकss…
किंतु ये क्या !! फिर ट्रेन की रफ़्तार धीमी होने लगी. अब क्या आ गया !! मैं सोचने लगा. तभी कानो में जोर जोर से लाउडस्पीकर की आवाज आने लगी शुक्रवार था इसलिए होली रोककर लाउडस्पीकर बज रहा था.
भगवा ड्राइवर तुरंत इंजन से उतरा और प्लेटफॉर्म पर जाकर बोला,
शुक्रवार साल में 52 बार आता है लेकिन होली एकबार, इसलिए पहले होली बनेगी.
अब तो राष्ट्रवादियो के खुशी का ठिकाना ना रहा, पहली मर्तबा ऐसा भगवा ड्राइवर देखने को मिला था.
पुनः खचाखच भरी ट्रेन जय श्री कृष्ण !! जय जय श्री कृष्ण !! के दिव्य नारों से गूंज उठी.
ट्रेन उच्च गति से बढ़ रही थी तभी महिलाओं से छेड़खानी करते कुछ गुंडे दिखाई दिए.
बिना स्टॉपेज के ही भगवा ड्राइवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर गाड़ी रोक दी.
भगवा ड्राइवर नीचे उतरा और तुरंत गुंडों को कारागृहनुमा डिब्बे में डालकर महिलाओं से बोला अब डरने की जरूरत नही है.
पूरी भगवा ट्रेन जय शिवाजी !! जय भवानी !! के नारों से गूंज उठी.
ट्रेन आगे बढ़ी ही थी कि पुनः रफ्तार धीमी हो गई.
कैराना स्टेशन था, कुछ लोग सिर पर गठरी बांध पलायन कर रहे थे.
भगवा ड्राइवर ने पुनः हुंकार भरी और कहा कोई पलायन नही करेगा. गुंडों को ट्रेन के उसी डिब्बे में भर भगवा ड्राइवर इंजन पर सवार हो गया.
अब तो खचाखच भरी ट्रेन हर हर महादेव !! के उद्धघोष से गूंज उठी.
ट्रेन दौड़े जा रही थी लेकिन अचानक से हरा प्लेटफार्म दिखाई दिया जो कभी भगवा हुआ करता था. नज़दीक आकर देखा तो धर्मांतरण स्टेशन था. सब उकसुकता से देखने लगे कि अब भगवा ड्राइवर क्या करेगा ?
भगवा ड्राइवर ने इंजन से उतरकर तुरंत हरा प्लेटफार्म पुनः भगवा कर दिया. अब तो क्या था सभी जगह जयजयकार हो उठा.
जय परशुराम !! जय जय परशुराम !! से भगवा ट्रेन गूंज उठी.
ट्रेन आगे बढ़ी ही थी कि पुनः धीमी हो गई.
मुजफ्फरनगर स्टेशन था, सिर पर पगड़ी बांधा हुजूम इंजन के समीप पहुँचकर भगवा ड्राइवर का तिलक कर स्वागत करने लगा.
सब कहने लगे भगवा ड्राइवर ने मुजफ्फरनगर दंगों में फसाए गए निर्दोष लोगों के मुकदमे वापिस लेकर उन्हें नया जीवनदान दिया है.
पूरा मुजफ्फरनगर हाथों की मुट्ठी भींच हवा में लहराकर जय श्री राम !! हर हर महादेव !! नारों की बुलन्द आवाज से गूंज उठा.
ट्रेन उच्च गति से दौड़े जा रही थी. कुहूहूहूss… छुकss छुकss…
देखा अयोध्या स्टेशन आ रहा है. पता नही ट्रेन रुकेगी भी या नही. सभी टकटकी लगाए देख रहे थे. बस ट्रेन से किसी तरह तम्बू में बैठे प्रभु राम के दर्शन हो जाएं.
मेरी तरह करोड़ो राष्ट्रवादी ट्रेन की खिड़की पर गर्दन फसाये देखने लगे. कुछ दरवाजो के पास खड़े हो गए.
अदभुत उत्साह !! अदभुत नजारा !!.
किन्तु ये क्या ट्रेन रुक रही थी, सब सांसे थामे बैठ गए.
क्या भगवा ड्राइवर राम मंदिर भी बना देगा.
क्या सच मे ऐसा होगा, क्या सदियों पुराना स्वप्न साकार होगा.
हर हर महादेव !!
ट्रेन रुकी स्टेशन का नाम परिवर्तित होकर अयोध्या हो चुका है. भगवा ड्राइवर इंजन से उतरा , सब बेसब्री से प्रतीक्षा कर रहे थे, क्या करेगा मेरा भगवा ड्राइवर .
भगवा ड्राइवर हाथों में पूजा की थाल लिए था, वह तुरंत टेंट में बैठे रामलला के पास पहुंचा, उन्हें शीश नवाकर हाथों में उठाकर चल दिया.
सबकी सांसे थम गई, करोड़ो की भीड़ से खचाखच भरी ट्रेन में एकदम शांति छा गई.
केवल जोर-जोर से चल रही रामभक्तों की धड़कनों की आवाजे ही सुनाई दे रही थी, जैसे मानो अनगिनत घड़िया एक साथ टिकटिक कर रही हो.
भगवा ड्राइवर रामजन्मभूमि पहुंचा और भव्य राममंदिर निर्माण कर मूर्ति स्थापित कर दी.
अब तो नजारा ही कुछ और था.
जय श्री राम !! जय जय श्री राम !! से ब्रह्मांड गूंज उठा.
सबके चक्षु खुशी से भीग चुके थे जिसमें से एक मैं भी था.
भगवा ट्रेन करोड़ो रामभक्तों के आल्हादित निर्मल अश्रुओं की जलधारा से ही धूल चुकी थी.
ऐसा लगा मानो मोक्ष मिल गया हो.
ट्रेन अब फुल स्पीड पकड़ चुकी थी, ये स्पीड थी 325 विधानसभा सीटों की..
मार्ग में सनातन गौरव प्रयागराज स्टेशन आया, जो कभी इलाहाबाद हुआ करता था. स्वच्छ निर्मल गंगा जी की जलधारा देखकर ह्रदय भगवा ड्राइवर को खूब-खूब आशीर्वाद, धन्यवाद देते हुए भावविह्वल हो उठा.
काशी की दिव्यता ह्रदय को आलोकिक कर रही थी. बम बम भोले !! नारो की गूंज साक्षात कैलाश का अनुभव करवा रही थी.
मथुरा की भव्य जन्माष्टमी रोम रोम को पुलकित कर रही थी. कृष्णभक्त हरे रामा ! हरे कृष्णा ! गा गाकर मग्न हुए जा रहे थे, सोच रहे थे अब तक किसी ने मथुरा की सुधि क्यों नही ली.
मेरा भगवा ड्राइवर असम्भव को भी सम्भव करने की क्षमता रखता है.
ये सब देख मेरे चक्षुओं से खुशी की अविरल अश्रुधारा बहने लगी ऐसा लगा मानो वैकुंठ धाम आ गया हो.
आज पुनः यूपी चुनावी प्लेटफॉर्म पर भगवा ट्रेन खड़ी है. चुनावी स्टेशन पर भारी भीड़ है.
तीन अलग-अलग प्लेटफार्म राष्ट्रवादी !! जातिवाद !! तुष्टिकरण !! पर भीड़ अपनी-अपनी ट्रेन का इंतजार कर रही है !!..
हमें पुनः राष्ट्रवादी प्लेटफार्म पर भगवा ट्रेन को खचाखच भरना है और 300+ स्पीड प्रदान करना है ताकि यूपी पुनः वैकुंठ धाम बन सके..
राकेश गुहा ……. ✍

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