Home विषयलेखक के विचार रवि बिश्नोई : बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम में ही नहीं चुना गया

रवि बिश्नोई : बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम में ही नहीं चुना गया

by Praarabdh Desk
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रवि बिश्नोई… घर.. बिरामी.. जोधपुर.. राजस्थान! उन्हें पहले T-20 वर्ल्ड कप 2022 के एक्स्ट्रा खिलाड़ियों में रख दिया गया और अब न्यूजीलैंड और बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली सीरीज के लिए टीम में ही नहीं चुना गया। गौर करने वाली बात है कि चयनकर्ताओं ने इस दौरान 3 वाइट बॉल सीरीज के लिए टीमें चुनी लेकिन किसी में भी रवि का सिलेक्शन नहीं किया। आर. अश्विन जैसे दिग्गज को आराम देने के बावजूद रवि को टीम में शामिल ना करना कई सवाल खड़े करता है। भारत के लिए 10 टी-20 मुकाबले खेलते हुए रवि ने 7 की इकोनॉमी से रन दिए हैं और 16 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के तौर पर 16 रन देकर रवि ने 4 शिकार किए हैं। लाजवाब रिकॉर्ड के बावजूद यह नाइंसाफी…!
भारत के लिए प्रज्ञान ओझा और अक्षर पटेल के बाद रवि बिश्नोई तीसरे ऐसे स्पिनर हैं, जिन्होंने अपने पहले मुकाबले में ही मैन ऑफ द मैच का खिताब जीत लिया था। उन्होंने 16 फरवरी, 2022 को वेस्टइंडीज के खिलाफ डेब्यू करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 17 रन देकर 2 विकेट लिया था। रवि बिश्नोई लेग स्पिन गुगली डालते हैं। स्पिन के बीच गेंदबाजी में तेज गेंद डालना , स्पीड कम-ज्यादा करना, सही टप्पे और सही एंगल से गेंद डालना इनकी ताकत है। इसके अलावा रवि क्रिकेट मैदान पर फील्डिंग में बहुत फुर्ती दिखाते हैं। बहुत मुश्किल कैच भी बड़ी आसानी से पकड़ लेते है़।
रवि के पिता जोधपुर में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल हैं और ऐसे में बेटे का खेल के प्रति रुझान चौंकाने वाला था। रवि बिश्नोई बचपन से ही क्रिकेट को लेकर जुनूनी थे। स्कूल से वापस लौटते ही क्रिकेट खेलने चले जाते थे और रविवार को तो मैदान से घर वापस ही नहीं आते थे। रवि ने अपने लिए क्रिकेट एकेडमी भी खुद ही ढूंढ ली और पिता से पैसे लेने के बाद रोज 20 किलोमीटर साइकिल से एकेडमी जाते थे। स्कूल से आने के बाद रोज एकेडमी जाना और वापस आना… शरीर जरूर थक कर चूर हो जाता था लेकिन आत्मा फिर भी क्रिकेट-क्रिकेट पुकारती थी।
रवि तेज गेंदबाजी करते थे लेकिन कोच शाहरुख पठान ने इनके एक्शन को देखकर स्पिनर बनने की सलाह दी। परिणाम रहा कि दमदार प्रदर्शन के बूते रवि को दो बार स्टेट लेवल क्रिकेट चैंपियनशिप के लिए चुना गया लेकिन कभी भी प्लेइंग इलेवन में मौका नहीं दिया गया। 2018 में राजस्थान क्रिकेट संघ ने टूर्नामेंट आयोजित किया, जिसमें रवि ने 5 मुकाबले खेलते हुए 15 विकेट चटकाए और एक धुआंधार शतक भी लगाया। इसके बाबजूद रवि का स्टेट टीम में चयन नहीं हुआ। प्रिंसिपल पिता मांगीलाल बिश्नोई अब बेटे के करियर को लेकर चिंतित हुए और उन्होंने साफ तौर पर कह दिया कि क्रिकेट में कुछ नहीं रखा। पढ़ाई-लिखाई में ध्यान दो, करियर-वरियर बनाओ।
यहां रवि ने अपने पिता से सिर्फ एक साल और मांगे। वादा किया कि अगर अब कुछ नहीं हुआ तो सब छोड़ दूंगा। बेटे की शिद्दत के आगे पिता ने साल भर और दे दिए। रवि के जुनून के आगे मुश्किलें कब तक टिकतीं? राजस्थान की तरफ से 2019 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलने का मौका और पहले ही मुकाबले में तमिलनाडु के खिलाफ 3 विकेट….! राजस्थान का नया सूरज चमकना शुरू कर चुका था। उसकी गेंदबाजी की चर्चा अब देश भर में होने लगी थी। युजवेंद्र चहल का फॉर्म खराब चल रहा था और भारत एक क्वालिटी लेगस्पिनर की तलाश में था। जवाब अंडर-19 वर्ल्ड कप में छिपा था…!
साल 2019 में राजस्थान की तरफ से बीनू मांकड़ ट्रॉफी में बिश्नोई ने 7 मैचों में 17 विकेट लिए। वह इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे और यहाँ से इनको अंडर -19 वर्ल्ड कप में चुना गया। जहाँ 2020 में आयोजित वर्ल्ड कप में भी रवि सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज रहे। रवि बिश्नोई ने अंडर-19 वर्ल्ड कप में 17 विकेट लेकर रिकॉर्ड बना डाला। किसी भी भारतीय द्वारा अंडर 19 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड रवि के ही नाम है। रवि बिश्नोई का जन्म 5 सितंबर, 2000 को हुआ है और उनके पिता के जन्म की तारीख है 6 नवंबर। इन्हीं दोनों तारीखों को मिलाकर रवि 56 नंबर की जर्सी पहनते हैं। उनका मानना है कि ऐसा करने से पिता का आशीर्वाद हमेशा सर पर रहता है।
रवि ने अपने T-20 करियर में कुल 72 मुकाबले खेले हैं और 7 की इकोनॉमी से गेंदबाजी करते हुए 85 विकेट चटकाए हैं। इस दौरान सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के तौर पर एक पारी में 15 रन देकर 4 विकेट उनके खाते में आए हैं। लिस्ट ए करियर की बात करें तो 18 मुकाबलों में सिर्फ 5 की इकोनॉमी से गेंदबाजी करते हुए रवि ने 25 विकेट अपने नाम किया है। उम्मीद है कि 21 वर्षीय उभरते युवा गेंदबाज को बीसीसीआई लंबे वक्त तक नजरअंदाज नहीं करेगा। इस राजस्थानी स्पिनर को जल्दी ही फिर टीम इंडिया में शामिल करेगा।
यकीन है कि टीम इंडिया में फिर से जगह बनाएगा
रवि बिश्नोई अपने बूते हिंदुस्तान को मैच जिताएगा

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