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भारत में विदेशी पर्यटक महिलाये कितनी सुरक्षित

Nitin Tripathi

by Nitin Tripathi
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रिवर फ्रंट गोमती नगर लखनऊ पर बाइक सवार लड़कों ने एक यूरोपियन महिला से  पूँछा How much for one night (एक रात का कितना). विदेशी लड़कियाँ इस तरह की छेड़ छाड़ को अपने अन्दाज़ में हैंडल करती हैं, परिचित महिला मित्र ने बोला You cannot afford me (तुम्हारी इतनी हैसियत नहीं). लड़के हंसते हुवे चले गये. मित्र ने मुझे बताया तो मैंने उसे समझाया कि वह लड़के असभ्य होते हुवे भी सभ्य थे. यहाँ सामान्यतः ऐसा उत्तर दोगे तो समझेंगे तैयार हो, उठा ले जाएँगे. ऐसा हुआ भी. गई इमाम बाड़ा देखने. बाहर भीड़ ने सेल्फ़ी के लिए बोला, किसी ने बोला किस. इसने फ्लाइंग किस दे दिया – उनके कल्चर में यह कॉमन है. बस फिर तो पूँछो मत कोई चिकोटी काटने लग गया कोई ज़बरदस्ती किस करने लग गया, बचे लोग वीडियो बनाने लग गये, सामान्य भारतीयों के लिए यह आम बात थी वह सब इमाम बाड़ा देखते रहे.

एक कोरियाई ब्लॉगर मिस पार्क भारत घूमने आई. लाइव वीडियो चल रहा था. दो सड़क छाप लोगों ने आवाज़ लगाई आई लव यू. पार्क ने जैसा टीपिकल उत्तर होता है बोल दिया I love you too. बस फिर क्या लाइसेंस मिल गया. चालू हो गई नोंचा घसोटी. लाइव पूरी दुनिया के हज़ारों व्यूअर के सामने. नार्मल पब्लिक उदासीन भाव से देख रही थी. ऑब्वियस्ली पूरी दुनिया में देश की वो थू थू हुई पूछिये मत. दो लड़कों ने हेल्प भी की, बाद में उन लड़कों की पार्क ने फ़ोटो डाल बताया कि इन्होंने मदद की.

इस समय भारत में स्थितियाँ सामान्यतः सामान्य हैं. कोई आतंक का डर नहीं है. भारत को अमेरिकन गाइड लाइन ने कैटेगरी दो के देशों में रखा है इटली फ़्रांस आदि के साथ. कैटेगरी एक सबसे सुरक्षित पर्यटकों के लिये और कैटेगरी चार सबसे असुरक्षित. भारत सदैव तीन में रहता आया कभी कभी चार में भी जाता रहा है. दो में हाल में आना आरंभ हुआ. लेकिन लेकिन भारत इकलौता देश है जो कैटेगरी दो में होते हुवे भी सबसे पहली वार्निंग यही लिखी है कि फ़ीमेल्स पर्यटक सावधान रहें. अकेले संभल कर निकलें. मोलेस्टेशन / रेप का ख़तरा है. ऐसी स्पेसिफ़िक वार्निंग पाने वाला देश भारत इकलौता है.

पाकिस्तान जैसे देशभारत से कई गुणा रिस्की बताये गये. लेवल चार में रखे गये – डू नाट ट्रैवल. लेकिन वहाँ भी वार्निंग यही है कि टेरर अटैक का ख़तरा है, यह रेप / मोलेस्टेशन भारत स्पेसिफ़िक है. हमारा प्राइड हर्ट होगा पर दुनिया ऐसा मानती है. और कहीं न कहीं महिला पर्यटकों के भारत के अनुभव बहुत पॉज़िटिव नहीं होते.

बीते वर्षों में सरकार ने तो सुरक्षा देकर भारत को लेवल चार से लेवल दो में ला दिया. पर अब ज़रूरत आपकी है. यह जो सरे आम विदेशी महिला पर्यटकों के साथ बदसलूकी, छेड़ छाड़ होती है और आप आँख बंद कर निकल लेते हैं, मन ही मन ये मानते हैं कि ठीक हो रहा है, लड़की ख़ुद ऐसा चाहती है, इसे रोकिए. वैश्विक इज्जत केवल प्रधान मंत्री ही नहीं दिलाते ख़ुद भी कुछ करना पड़ता है. मुंबई के उन दो लड़कों आदित्य और अथर्व प्रसंशा के पात्र हैं कि उन्होंने मिस पार्क की मदद की, देश का सम्मान बढ़ाया.

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