Home राजनीति भाजपा से दूरी बना लेनी चाहिए क्योंकि …

भाजपा से दूरी बना लेनी चाहिए क्योंकि …

Madhulika Shachi

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मैं एक बात सदैव कहती हूँ कि यदि आप जातिवादी प्रवृत्ति के हैं या आप जातिगत श्रेष्ठता के दंभ बोध से भरे हुए हैं तो आपको bjp, आरएसएस से एक बड़ी दूरी बना लेना चाहिए , यही आपके हित में होगा
आपको वामपंथ और कांग्रेस के नजदीक जाना चाहिए वह अकबरी दरबार है , वहां हर एक के व्यक्तिगत दम्भ अहंकार का पोषण होता है। वहां हर मानसिंह का सम्मान होता है , वहां मानसिंह इतना प्रभावी होता है कि महाराणा प्रताप के भाई शक्तिसिंह को भी एक बार अकबर का दरबारी बना ही देता है।
अकबरी दरबार में घोर मनुवाद, प्रचंड नवबौधि अम्बेडकर वाद, मु$ल्ला वाद आदि जितने भी विषम समूहगत वाद हैं सबको स्थान मिलता है और सबको सम्मान भी मिलता है क्योंकि अकबरी राजनीति यही है।
वामपंथ सिर्फ दिखने में लोककल्याण की बात करता है पर उस दल से बड़ा जातिवादी , यहां तक कि धार्मिक रूप से भी कट्टर कोई नहीं होता …. धर्म जाति की आलोचना करके ये जातिगत प्रभाव को बनाये रखने की कूटनीति का पालन करते हैं
मैंने आरएसएस के सभी सरसंघचालको को और पंडित दीन दयाल उपाध्याय को भी पढ़ा है और उनका छुपा हुआ मन्तव्य भी जानी हूँ। पंडित दीन दयाल उपाध्याय जातिगत मुद्दे पर आपकी बड़ी आलोचना करना चाहते थे मगर उनके शब्द बताते हैं कि वो मजबूरी वश चुप थे शायद समर्थन ही न मिलता किसी से…. अटल जी तो कभी कभी बोलकर अपना मन्तव्य प्रकट कर देते थे और आरएसएस वाले बड़े छुपा रुस्तम हैं, आपको तगड़ा बेवकूफ बना रहे हैं और इसबात का आभास आरएसएस
में रहने वाले कुछ लोगों को पहले ही लग गया है, वो समझ चुके हैं , आपको समझा रहे हैं पर आप हो कि उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हो…..
आरएसएस के बनाये कल्पित राष्ट्रवाद में आप अपना सबकुछ भस्म करने पर लगे हो ।
मेरा सुझाव है कि जातिगतश्रेष्ठता का दम्भ रखने वाले या जातिवादी प्रवृत्ति के हर लोगों को आरएसएस को जमकर कोसना चाहिए क्योंकि यह आपका सबसे बड़ा शत्रु है , धीरे धीरे आपको नष्ट कर रहा है , दीमक की तरह आपको चाट रहा है लेकिन आपकी आँखें नहीं खुल रही।
मुझे पता है आपकी रणनीति यह है कि आप आरएसएस के राष्ट्रवाद को अपने जातिगत हित मे उपयोग कर लेने वाली कूटनीति का पालन कर रहे हैं पर यकीन मानिए उन्हें इस बात की खबर है और वो आपका उपयोग कर लें रहे हैं।
स्वयं को उपयोग होने से बचाइए….

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