नया संपादक मुख्यमंत्री का सिफ़ारिशी था। मुख्यमंत्री ने उसे संपादक बनाने के लिए कई लाख रुपए विज्ञापन के मद में एडवांस सूचना विभाग से अख़बार को दिलवा दिए। मुख्यमंत्री कांग्रेसी था पर संपादक भाजपाई भेजा उस ने। जातीय गणित के…
राजनीति
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गलत क्या कह दिया कंगना ने? कंगना के बयान पर इतना आगबबूला क्यों हो रहे हैं ढोंगी पाखंडी.? रानी लक्ष्मीबाई से लेकर नेता जी सुभाषचंद्र बोस तक, 90 साल लंबे स्वतन्त्रता संग्राम में चंद्रशेखर आज़ाद भगतसिंह, राजगुरू, सुखदेव, रोशन सिंह,…
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नया संपादक मुख्यमंत्री का सिफ़ारिशी था। मुख्यमंत्री ने उसे संपादक बनाने के लिए कई लाख रुपए विज्ञापन के मद में एडवांस सूचना विभाग से अख़बार को दिलवा दिए। मुख्यमंत्री कांग्रेसी था पर संपादक भाजपाई भेजा उस ने। जातीय गणित के…
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दरअसल लखनऊ में रिपोर्टरों ने तो राजनीतिक हलकों में काकटेली डिनर खा पी कर ऐसी ही रवायत बना दी थी। कई बार तो बिन बुलाए भी कई पत्रकार पहुंच जाते। बस उन्हें सूचना भर होनी चाहिए। और कई बार यह…
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प्रधानमंत्री मोदी ना कुछ भूलते हैं, ना माफ करते हैं। ध्यान से पूरा पढ़िए। गृहमंत्री देशमुख हवालात की हवा खा रहा है। उपमुख्यमंत्री अजित पवार की 1400 करोड़ की दो नंबरी कमाई ईडी के शिकंजे में जा चुकी है। वो…
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अपराधचलचित्रराजनीतिसतीश चंद्र मिश्रा
देश इसी आदेश की प्रतीक्षा कर रहा
by सतीश चंद्र मिश्रा 648 viewsदेश इसी आदेश की प्रतीक्षा कर रहा था… शाहरुख खान के लड़के को कल मिली जमानत का विस्तृत आदेश आज सामने आ गया। उसको हाईकोर्ट द्वारा दी गयी जमानत के आदेश ने नीर क्षीर के अंतर को शतप्रतिशत स्पष्ट कर…
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डीसी कॉमिक्स की “जेएलए – द नेल” तीन भागों की एक कॉमिक्स श्रृंखला थी जो 1998 में आई थी। इस कॉमिक्स की शुरुआत ही “फॉर वांट ऑफ़ अ नेल द शू वाज लॉस्ट” वाली कविता से होती है। ये एक…
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क्या भारत में अभी अस्थिरता और आना है ?? आखिर ये हो क्या रहा है भारत में … . पिछले दिनों प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिका की यात्रा के समय electronics manufacturing वाली टॉप क्लास की कम्पनी के CEO और इन्वेस्टर्स…
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चीन द्वारा उत्पादित COVID – 19 वायरस ने अभी बड़े बड़े खेल दिखाने हैं दुनिया को … चीन ने जो सोचा रहा होगा उसके जैसा अधिकतम चीज़े नहीं हुई .. पहले तो वो भारत को खरबों का covid से बचाव…
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मैंने भले ही अपने कारणो से लिखना छोड़ रखा है लेकिन जब भी कोई सार्थक व यथार्थ लेख(90% नारे बाजी या प्रतिक्रियात्मक या अप्रासंगिक होते है)सामने आता है तो पढ़ता जरुर हूँ। मेरे लिए Ranjay Tripathi का यह लेख, न सिर्फ़ सारगर्भित…
