अच्छा, कर्मकांड मतलब क्या? ज्ञानकांड मतलब क्या? सूप में जो आप ईख, नारियल, ठेकुआ, भुसवा आदि डालते हैं, पुरवा में दीपक जलाते हैं, शाम को घाट लीपकर वहां सबकुछ सहेज कर रखते हैं, फिर आपकी मां, भाभी, भाई या कोई…
स्वामी व्यालोक
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बात छठ की या दीवाली-दशहरा किसी की नहीं है। बात सनातन की है। यहां फिर कहना पड़ेगा कि नराधम वामपंथी जिसे आज हिंदुइज्म (हिंदूवाद) और हिंदुत्व में बांट रहे हैं, हिंदुत्व को राजनीतिक विचारधारा बता रहे हैं। ये नरपिशाच मजबूर…
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कासगंज में एक पुलिस थाने में मजलूम अल्ताफ की किस तरह मौत हुई, यह हम सबने देखा। पुलिस ने सिद्धांत दिया कि दो फुट ऊंची पाइप से अपनी जैकेट के हुड की रस्सी निकालकर अल्ताफ ने फांसी लगा दी। बाप…
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इस बीच कई वेब-सीरीज देखने के बाद एक चीज समझ में आयी है। इनके लिखने और बनानेवालों ने कुछ चीजें ठान ली हैं। ये एक ही बिरादरी और तबके के हैं। ये किस दुनिया के हैं, पता नहीं लेकिन भारतीय…
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मेरे लिए कालीचरण ‘महाराज’ नहीं, पर एक अच्छे गायक और सुरीले भक्त जरूर हैं। उनके सारे पाप बस इस एक शिवतांडव-पाठ से धुल सकते हैं, अगर उन्होंने कोई पाप किए हों। हालांकि, मुझे नहीं पता उन्होंने कोई पाप किया है…
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भारत निर्माणमुद्दाराजनीतिलेखक के विचारस्वामी व्यालोक
भारत कितनी मजेदार जगह है।
by Swami Vyalokby Swami Vyalok 596 viewsगांधी पर सवाल नहीं, नेहरू पर सवाल नहीं, अंबेडकर पर सवाल नहीं, पेरियार पर सवाल नहीं। ऐसे एकाध नाम और, जिन पर सवाल नहीं, प्रश्न नहीं। गाली-गोफ्ता का तो खैर, साले सवाल ही गुम जाएंगे फिर। सावरकर को गाली जायज,…
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मुद्दाराजनीतिलेखक के विचारस्वामी व्यालोक
रवीश भैया का जात-पुराण
by Swami Vyalokby Swami Vyalok 649 viewsभीड़ का क्या है, भीड़ तो भीड़ है। हमारे पूर्वज हरिशंकर परसाई जी ने भी भीड़ पर लिखा था। भीड़ मोदीजीवा, शाहजीवा में भी उमड़ती है, ‘दादी जैसी नाक’ वाली प्रियंका गांधी और जमानत पर चल हे राहुल गांदी में…
