हिंदी कहानी को समकालीन दुनिया से जोड़ने वाले कमलेश्वर का इस तरह बिछड़ के जाना बहुत सालता है। उन के निधन के कुछ दिन पहले ही जब उन से फ़ोन पर बात हुई तो वह अपनी कई योजनाओं के बारे…
सामाजिक
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अर्थव्यवस्थानितिन त्रिपाठीभारत निर्माणमुद्दालेखक के विचारसामाजिक
बदलता पंजाब विकसित से अविकसित प्रदेश की ओर
by Nitin Tripathi 704 views1. पंजाब भारत का सबसे विकसित प्रदेश है। फैक्ट: जमाने थे 1981 मे पंजाब प्रति व्यक्ति आय मे भारत मे नंबर एक होता था। 2001 तक यह चौथे नंबर पर और अब तो भारत मे उनीसवें नंबर पर आता है।…
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अपराधमुद्दालेखक के विचारसामाजिक
देश में सामाजिक-नेतृत्व की संभावनाओं की भ्रूण-हत्या तथा उपहास
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 956 viewsसामाजिक-परिवर्तन व निर्माण कर पाने में सक्षम नेतृत्व का प्रस्फुटीकरण मौलिकता, गुणवत्ता, दूरदर्शिता, स्वतः स्फूर्तिता व बिना मिथकों के प्रयोजन से ही होता है। भारत जैसे बड़े देश व समाज में स्वतः स्फूर्त व वैज्ञानिक दृष्टिकोण से संपन्न सामाजिक-नेतृत्व का…
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अर्थव्यवस्थाउमराओ विवेक सामाजिक यायावरसामाजिक
हमारी चारित्रिक-सड़ांध — झूठ, फरेब, दिखावा, अकर्मण्यता
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 730 viewsशाब्दिक व दार्शनिक तर्कशीलता के मानदंडों में अद्वितीय व विलक्षण संस्कृति, व्यवहारिक धरातल की वास्तविकता में बहुत ही अधिक अमानवीयता व खोखलाहट को ही पोषित करती व जीती रही। दर्शन को व्यवहारिक-जीवंतता के स्थान पर केवल शाब्दिक तर्कशीलता तक ही…
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मुद्दालेखक के विचारसामाजिकस्वामी व्यालोक
छठ में कर्मकांड नहीं होता
by Swami Vyalokby Swami Vyalok 1,009 viewsअच्छा, कर्मकांड मतलब क्या? ज्ञानकांड मतलब क्या? सूप में जो आप ईख, नारियल, ठेकुआ, भुसवा आदि डालते हैं, पुरवा में दीपक जलाते हैं, शाम को घाट लीपकर वहां सबकुछ सहेज कर रखते हैं, फिर आपकी मां, भाभी, भाई या कोई…
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बात छठ की या दीवाली-दशहरा किसी की नहीं है। बात सनातन की है। यहां फिर कहना पड़ेगा कि नराधम वामपंथी जिसे आज हिंदुइज्म (हिंदूवाद) और हिंदुत्व में बांट रहे हैं, हिंदुत्व को राजनीतिक विचारधारा बता रहे हैं। ये नरपिशाच मजबूर…
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इतिहासदयानंद पांडेयमीडियामुद्दाराजनीतिलेखक के विचारसामाजिक
यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया
by दयानंद पांडेय 701 viewsतब प्रिंट का समय था। पर जल्दी ही नेट का समय आ गया। उस में भी यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया ले कर उपस्थित हुए। 2001 में अपने-अपने युद्ध छपा था। 9 साल बाद 2010 में भड़ास पर अपने-अपने युद्ध का धारावाहिक…
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दयानन्द पांडेमुद्दाराजनीतिलेखक के विचारसामाजिक
हुसैनीवाला बार्डर के बहाने…
by दयानंद पांडेय 385 viewsहुसैनीवाला बार्डर के बहाने कांग्रेस ने अपने ताबूत में एक और कील ठोंक ली कोई माने न माने पर मेरा स्पष्ट आकलन है कि हुसैनीवाला बार्डर पर जल्दी ही भाजपा एक रैली फिर से आयोजित करेगी और नरेंद्र मोदी…
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ऐतिहासिकजलज कुमार मिश्राजाति धर्मलेखक के विचारसामाजिक
बदलता साल, गुजरता वक्त काफी कुछ सिखाता
by Jalaj Kumar Mishra 363 viewsबदलता साल, गुजरता वक्त काफी कुछ सिखाता हैं। कभी कभी लगता हैं कि जीवन के सुनापन को भरने में यादों का बहुत बड़ा हाथ हैं।हर साल हम प्रयास करते हैं कि कुछ नया करेंगे,कुछ बदलाव अपने में लाएंगे और गुजरते…
