शाब्दिक व दार्शनिक तर्कशीलता के मानदंडों में अद्वितीय व विलक्षण संस्कृति, व्यवहारिक धरातल की वास्तविकता में बहुत ही अधिक अमानवीयता व खोखलाहट को ही पोषित करती व जीती रही। दर्शन को व्यवहारिक-जीवंतता के स्थान पर केवल शाब्दिक तर्कशीलता तक ही…
उमराओ विवेक सामाजिक यायावर
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरमुद्दालेखक के विचार
संस्कृति संस्कार बनाम स्त्री
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 679 viewsपुरुष ने अपनी स्त्री को जिस रूप में देखना चाहा; ईश्वर, ईश्वर-लोक व ईश्वर-लोक की स्त्री को उसी के अनुरूप ही गढ़ा। ताकि पुरुष अपनी स्त्री को सहजता से अपना बेहतर अनुगामी, आज्ञापालक-सेवक व भोग्या-दास बना सके और ऐसा होने…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरकहानियामुद्दालेखक के विचार
स्त्री के प्रति हमारा नजरिया और शुचिता का आडंबर बनाम संस्कार संस्कृति
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 571 viewsस्त्री को माहवारी झेलना पड़ता है, स्त्री गर्भवती होती है, स्त्री अपने गर्भ में बच्चे को नौ महीने पालती है और एक दिन स्त्री बच्चे को अपने यौनांग से धरती पर अवतरित कराती है। जीवन देने की क्षमता के कारण…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरलेखक के विचारसामाजिक
सफलता व उपलब्धि बनाम हमारी मानसिकता
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 769 viewsसफलता व उपलब्धि को हम ठीक से परिभाषित ही नहीं कर पाए हैं। यदि सफलता को हम ठीक से परिभाषित कर लिए होते तो हमारे समाज की दिशा ही भिन्न होती, लोगों की मानसिकता भिन्न होती, जीवन के मानदंड ही…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरमुद्दालेखक के विचारसामाजिक
विवाह, दाम्पत्य व पालन-पोषण बनाम संस्कृति संस्कार
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 406 viewsविवाह के समय लड़की व लड़के को संस्कारों की कसौटी में मूल्यांकन करने का जबरदस्त प्रचलन है, जिसको परिवार व समाज की संस्कृति की रक्षा व समृद्धि के लिए लड़का लड़की को ठोंक बजाकर चुनना कहा जाता है। इस प्रक्रिया…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरभारत वीरमुद्दासच्ची कहानियांसुरक्षा
रक्षा-प्रमुख दुर्घटना बनाम विदेशी-षणयंत्र देखने की हमारी प्रवृत्ति
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 521 viewsराष्ट्र के रक्षा-प्रमुख व अन्य लोगों का हेलीकाप्टर दुर्घटना में असामयिक निधन होना दुखद है। पिछले एक वर्ष में किसान-आंदोलन में सैकड़ों किसानों का शहीद होना भी दुखद है। रक्षा-प्रमुख, उनके साथियों तथा किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हमारे…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरमुद्दाशिक्षासामाजिक
स्वाध्याय का स्तर : लफ्फाज, बकबकिया, या सतही मानसिकता….
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 371 viewsलगभग 8-9 साल पहले जब मैंने फेसबुक पर बताया कि मैंने अपने जीवन में स्कूल, यूनिवर्सिटी, शोध इत्यादि डिग्री कोर्सों में पढ़ी जाने वाली किताबों के अतिरिक्त 40 हजार से अधिक किताबें पढ़ी हैं। तब कई लोगों ने हिसाब-किताब लगाया…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरबाल कहानियाशिक्षासामाजिक
स्वाध्याय 2 : छोटे बच्चे भी हजारों किताबें पढ़ लेते हैं
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 515 viewsबहुत दूर जाने की जरूरत नहीं है, मैं अपने बच्चे आदि का उदाहरण दे रहा हूं, आदि की उम्र लगभग सवा-पांच वर्ष है। आप आदि के पैदा होने के दिन से परिचित हैं। आदि के प्रसव से लेकर उसके विकास…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरकहानियालेखक के विचारशिक्षा
स्वाध्याय पाश्चात्य समाज के लोग
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 631 viewsमेरी शादी में मेरे माता-पिता भाई बहन इत्यादि, मेरी पत्नी के माता-पिता भाई बहन इत्यादि नहीं सम्मिलित हुए थे। हमारी शादी सुबह एक-आध घंटे में ही अग्नि-हवन के फेरे इत्यादि लेकर निपट गई थी। शादी के तुरंत बाद हम लोग…
