अखिलेश यादव ने धुर शराबियों की तरह सफाई देते हुए अभी एक चैनल को इंटरव्यू में बताया है कि उन की जेब में कांच की बोतल है ज़रुर पर इस में गरम पानी है। लगातार बोलते रहने के कारण गरम…
मुद्दा
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जाति धर्मदयानंद पांडेयमीडियामुद्दाराजनीति
मिनी पाकिस्तान और डायरेक्ट एक्शन
by दयानंद पांडेय 354 viewsआप को भारत में मिनी पाकिस्तान की बात पर ऐतराज है। अच्छी बात है। किसी भी देशभक्त को होना चाहिए। लेकिन इस अवधारणा को खत्म कैसे किया जाए ? क्या कश्मीर की तरह ? कश्मीर तो कंप्लीट पाकिस्तान में तब्दील…
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दयानंद पांडेयमुद्दाराजनीति
टोटी चोर के साथ मुस्कुराहट में गलगल कुमार विश्वास
by दयानंद पांडेय 392 viewsबताइए कि यही कुमार विश्वास कभी टोटी चोर बताते थे , मुलायम के टीपू को। तबीयत भर तंज कसते थे। अब यह इन्हीं टोटी चोर के साथ मुस्कुराहट में गलगल हैं। राज्यसभा जाने की अकुलाहट जो-जो न करवा दे। अरविंद…
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जलज कुमार मिश्राभारत निर्माणमुद्दा
मैं भारत हूँ : सर्वेश तिवारी श्रीमुख
by Jalaj Kumar Mishra 580 viewsसर्वेश तिवारी ‘श्रीमुख’ लिखतें हैं कि मैं भारत हूँ। मैं वह भारत हूँ जिसने पिछले पाँच हजार वर्ष में कभी अपने किसी बेटे का नाम दुशासन नहीं रखा, क्योंकि उसने एक स्त्री का अपमान किया था। मैं वह भारत हूँ…
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लखनऊ में अभी शहीद पथ पर एक ट्रक जा रहा था किसी का सामान लेकर. ट्रक से एक कपड़े की जूता रखने वाली यूज्ड अलमारी गिरी. ऐसी नई अलमारी 300 रुपए की मिलती है. आनन फ़ानन में लगा जैसे अमृत…
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कल अर्बन कम्पनी से बाल काटने के लिए नाई बुलाया. नाई मुस्लिम था. जैसी अपनी आदत है, उससे पूँछा कि तुम्हारी बिरादरी का वोट कहाँ जाएगा. मैं बोलता कम हूँ सुन कर अब्ज़र्व ज़्यादा करता हूँ.वह पहले सेक्युलरिज़म, हम सब…
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चलचित्रनितिन त्रिपाठीमुद्दालेखक के विचार
ब्रांड और ब्रांड अंबेसडर की ताक़त
by Nitin Tripathi 347 viewsTV पर शाहरुख़ खान आते हैं अजय देवगन के साथ दो रुपए वाला पान मसाला बेंचते हुवे. मुझे मालूम है शाहरुख़ खान ऐसे दस मसाला वालों को ख़रीद लें. मैं ब्रांड शाहरुख़ का कोई फ़ैन भी नहीं. पर मुझे और…
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चिकित्सा जगतनयानितिन त्रिपाठीमुद्दा
भारत में आमिक्रान कोरोना का एक और वेरियंट
by Nitin Tripathi 594 viewsआमिक्रान ने धीमे धीमे अपने पैंर भारत में बढ़ाना आरम्भ कर दिया है. विदेशों में बसे रिश्तेदारों से जो समझ आ रहा है वह यह है कि आमिक्रान के प्रकोप से बचना मुश्किल है. अच्छी बात यह है कि सिंप्टमस…
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चूंकि भारत से गया था तो अमेरिका मे मुझे ड्राइविंग मे विशेष दिक्कत हुई। ढेरों टिकट मिलीं, साथ ही साथ अमेरिकन सरकार ने यह पक्का कर लिया कि मुझे मनुष्यों के समाज वाली ड्राइविंग आ जाए। प्रथम तो लाइसेंस ठोंक…
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एक कड़वा सच यह है कि किसान बिल वापस ही होना था, बस मौके का इंतजार था कि ऐसा न लगे सरकार डर कर / धमकी से वापस ले रही है। जैसे ही थोड़ी शांति आई, कोई भारत बंद आदि…
