ये दुनिया एक ईकोइंग वैली है। यहाँ आप जो कुछ भी कहते हैं, वह कुछ दिनों बाद आप ही के पास लौट आता है। व्यक्ति के रूप में कौन लौटाएगा, यह तय नहीं है। लेकिन लौटेगा जरूर, यह तय है।…
हमारे लेखक
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इतिहासदयानंद पांडेयमीडियामुद्दाराजनीतिलेखक के विचारसामाजिक
यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया
by दयानंद पांडेय 699 viewsतब प्रिंट का समय था। पर जल्दी ही नेट का समय आ गया। उस में भी यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया ले कर उपस्थित हुए। 2001 में अपने-अपने युद्ध छपा था। 9 साल बाद 2010 में भड़ास पर अपने-अपने युद्ध का धारावाहिक…
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ऐतिहासिकजलज कुमार मिश्राजाति धर्मलेखक के विचारसामाजिक
बदलता साल, गुजरता वक्त काफी कुछ सिखाता
by Jalaj Kumar Mishra 362 viewsबदलता साल, गुजरता वक्त काफी कुछ सिखाता हैं। कभी कभी लगता हैं कि जीवन के सुनापन को भरने में यादों का बहुत बड़ा हाथ हैं।हर साल हम प्रयास करते हैं कि कुछ नया करेंगे,कुछ बदलाव अपने में लाएंगे और गुजरते…
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प्रांजय कुमारमुद्दाराजनीतिलेखक के विचारसामाजिक
श्री गुलाब कोठारी जी के नाम खुला #पत्र_02
by Pranjay Kumar 557 viewsआदरणीय गुलाब कोठारी जी! सादर नमस्कार। आपकी पत्रिका में “हिन्दू कौन?” शीर्षक से आपका सम्पादकीय लेख पढ़कर सहसा विश्वास नहीं हुआ कि एक विद्वान् और भारतीय शास्त्रों के ज्ञाता के रूप में प्रसिद्ध हुआ कोई सम्पादक–पत्रकार ऐसा तथ्यहीन और अतार्किक…
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कहानियानयाप्रांजय कुमारसामाजिक
जीवन एक यात्रा है : रोहित सरदाना की प्यारी सी बेटी नंदिका की कलम से
by Pranjay Kumar 760 viewsस्वर्गीय रोहित सरदाना की प्यारी सी बेटी नंदिका ने अपने 8 महीने के अनुभवों को एक कविता के माध्यम से बताने की कोशिश की है। सुनिये और महसूस कीजिये… क्योंकि “जीवन एक यात्रा है”। नंदिका ने जो कहा है, उसका…
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प्रांजय कुमारराजनीतिसामाजिक
महात्मा गाँधी पर लगातार चोट : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ
by Pranjay Kumar 415 viewsयह विमर्श देश को मथ रहा है। मैं किसी भी अतिवादी टिप्पणी से बचता हूँ। समाज का सौहार्द्र बना रहे, यह प्रयास हर सजग और संवेदनशील व्यक्ति के सदृश मेरा भी रहता है। पर सामाजिक सौहार्द्रता किस कीमत पर, प्राणों…
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स्वयं को सर्वज्ञ मानने वाला व्यक्ति यदि दुर्भाग्य से किसी समाचार-पत्र का मालिक भी हो तो वह मनमानेपन की छूट पा जाता है। जीवन के सभी क्षेत्र में सरस्वती पर लक्ष्मी के हावी होने के प्रमाण मिलते हैं। लक्ष्मी की…
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कलयुग में मुसलमान चोर, हत्यारे, बलात्कारियों से इस्लाम को कोई खतरा नहीं है लेकिन अहसान राव ने भारत माता का जयघोष क्या कर दिया, इस्लाम खतरे में आ गया। इस्लाम खतरे में आने का अर्थ यहां अहसान राव की जिन्दगी…
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आपसे आपकी पहचान जो कराता है, वह एक काल ही है। बाक़ी तो सब आपको अपने-अपने स्वार्थ के अनुसार हमेशा गफ़लत में ही रखते हैं। कोई आपको कभी कम आँकता है तो कोई ज़्यादा। यहाँ तक कि आप खुद भी…
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इष्ट डॉ सांकृत्यायनऐतिहासिकचिकित्सा जगतसामाजिक
कोरोना की पहली दस्तक भारत में
by Isht Deo Sankrityaayan 899 viewsमुझे याद है, जनवरी 2020 में जब कोरोना ने भारत में दस्तक दी ही थी, उन्हीं दिनों अपने को एनआरआई और बहुत बड़ा डॉक्टर बताने वाले किन्हीं सज्जन का विडियो यूट्यूब पर वाइरल हुआ था। कुछ न्यूज चैनलों के एंकरों…
