कथा-लखनऊ की जब बात चली तो अपने घर गोरखपुर की भी याद आई। साथ ही कथा-गोरखपुर की भी योजना जब प्रलेक प्रकाशन के जितेंद्र पात्रो को बताई तो वह सहर्ष तैयार हो गए। बिना किसी ना-नुकुर के। तो कथा-लखनऊ और…
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कहते हैं जादू सरसो पे पढ़े जाते हैं, तरबूज पर नहीं। तो लखनऊ वही सरसो है , जहां कहानियों का जादू सिर चढ़ कर बोलता है। कहानी मन में भी लिखी जाती है। सिर्फ़ काग़ज़ पर कलम से ही नहीं।…
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चनाजोर गरम वाले चतुर्वेदी जी चतुर्वेदी जी अपने बेटे की शादी के पंडाल में गेंदे के फूल की माला पहने ऐसे घूम रहे थे गोया बच्चे हों। लेकिन उनके चेहरे पर बच्चों का-सा उल्लास नहीं, एक फीकी-सी मुसकुराहट थी। फिर…
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ऐतिहासिकदयानंद पांडेयराजनीति
जब विश्वनाथ प्रताप सिंह ने दिया मुलायम सिंह यादव के इनकाउंटर …
by दयानंद पांडेय 799 viewsबहुत कम लोग जानते हैं कि जब विश्वनाथ प्रताप सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री थे तब मुलायम सिंह यादव को इनकाउंटर करने का निर्देश उत्तर प्रदेश पुलिस को दे दिया था। इटावा पुलिस के मार्फत मुलायम सिंह यादव को…
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अपराधअर्थव्यवस्थादयानन्द पांडेराजनीति
पीयूष जैन और टोटी यादव का राजनीतिक भ्रष्टाचार
by दयानंद पांडेय 935 viewsकानपुर में डेढ़ सौ करोड़ रुपए की जो इत्र की नक़द गमक मिली है , अगर ठीक से जांच हो जाए तो तय मानिए कि इस नक़दी से लखनऊ के विक्रमादित्य मार्ग से उखड़ी टाइल और टोटी की भी गंध…
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एन पी आर और एन आर सी से डरने और बहस करने वाले कौन लोग हैं भला ? जाहिर है यह घुसपैठिए हैं या उन के पैरोकार हैं। मुस्लिम वोट के दुकानदार हैं। अलग बात है कि नरेंद्र मोदी सरकार…
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यह उस के लिए कोई नया अनुभव नहीं था। पर अनुभव तो था ही। प्रेम उस ने कई बार किया था। जो लोग कहते हैं कि प्रेम सिर्फ एक बार होता है, उसे उन लोगों पर तरस आता है। उस…
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उन के अंतर्विरोध उन्हें इस तरह डंसे हुए थे कि उन्हें समझना किसी एक के लिए क्या पूरे शहर के लिए मुश्किल था। शायद वह खुद भी अपने को समझ नहीं पाती थीं। संभवतः इसी लिए लगभग हर किसी पर…
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बरसों बाद वह इस अपने पुराने शहर आया था। पुरानी यादों में डूबता उतराता। साथ में अपने एक ख़ास दोस्त को भी लाया था। लाया क्या था वह खुद नत्थी हो कर आ गया था। नत्थी हो कर आया था…
