हम लोग वर्तमान में जिस काल से गुजर रहे है, वह न सिर्फ विषमता भरा हुआ है बल्कि पूरी तरह से अपूर्वानमेय है। एक तरफ हम अपने अगल बगल के वातावरण में वह सब घटित होता हुआ देख रहे है,…
राजनीति
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पिछले काफी समय से एक प्रश्न मुझसे अक्सर किया जाता रहा है कि मैं वर्तमान में पूर्व की भांति अपना लेखन कार्य क्यों नही कर रहा हूँ? मैं इस प्रश्न का सबसे संतोषप्रद उत्तर यही देता रहा हूँ कि 2019…
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अमित सिंघल जी के इस लेख से मैं पूर्णतः सहमत हूँ। काल ने परिस्थितिवश, मुझे जिस स्थान पर नियत किया है वहाँ से वर्तमान में हो रही घटनाओं को देखने की दृष्टि और समझने की बौद्धिकता कुछ विशेष है। इसी…
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प्रधानमंत्री मोदी के कुछ समर्थक सरकार की आलोचना करते है कि सरकार अपने पक्ष में नैरेटिव स्थापित नहीं कर पायी। वे लिखते है सरकार को “ऐसे” अपने आपको डिफेंड करना चाहिए था; फलाने का उत्तर नहीं देना चाहिए; ढिकाने को…
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मेरे लिए आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का पुनः नामकरण कर उसे “मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार” करना, सिर्फ एक नाम का परिवर्तन करना नही है। मेरे लिए यह भारत सरकार के खेल रत्न…
