मितरों …… आज से लगभग 9 साल पहले , Nov 2013 में उदयन शुरू किया था । तब UP में टोंटी चोर की सरकार थी और केंद्र में मौनी बाबा की । Oct 2013 में ,जब अभी उदयन शुरू भी…
लेखक के विचार
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अखबार में एक विज्ञापन छपा । Vacancy है । सहायक चईये सिर्फ एक पद खाली है । काम के एवज में सिर्फ भोजन मिलेगा । नगद salary नही मिलेगी । एक व्यक्ति आ गया intervew देने । इंटरभ्यु लेने वाला…
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बात 2001 के आसपास की है , यानी 21 साल पहले । हम दोनों पति पत्नी श्रीनगर – काश्मीर गए हुए थे और Tyndale Biscoe School के प्रिंसिपल श्रीमान परवेज़ कौल साहब के मेहमान थे । लाल चौक स्थित Tyndale…
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अपराधआशीष कुमार अंशुऐतिहासिकजाति धर्ममुद्दालेखक के विचार
अशोक कुमार भगवान भाई परमार का किताब लोकार्पण
by Ashish Kumar Anshu 717 viewsकेरल के तिरुची में सीपीएम के मंच से एक किताब के लोकार्पण के दौरान अशोक कुमार भगवान भाई परमार का परिचय दंगाई के रूप में दिया गया था। उनकी ‘दंगाई’ के तौर पर फ्रेम किए जाने लायक तस्वीर पत्र-पत्रिकाओं में…
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अजीत सिंहमुद्दालेखक के विचारसामाजिक
ममता याद है ? : उदयन की ममता
by Ajit Singhby Ajit Singh 736 viewsममता याद है ? उदयन की ममता ……. किसी ज़माने में वो हमारी poster girl हुआ करती थी । बेहद आक्रामक , Rebillious , अपने हक़ के लिये लड़ने वाली , आवाज़ उठाने वाली ….. एक बार भिलाई से अरविंद…
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अजीत सिंहचलचित्रलेखक के विचार
पुराने ज़माने की फिल्मे और आज का फेसबुक
by Ajit Singhby Ajit Singh 793 viewsपुराने जमाने की फिल्मों में एक Hero होता था । वो सर्वगुण सम्पन्न होता था । सुंदर सजीला , Romantic शहर की सबसे सुंदर लौंडिया Set कर लेता था । उसके साथ नाचता , गाने गाता था । एक Villain…
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हमारी सबसे बड़ी समस्या ये है कि हम अपने जीवन मे ज़्यादातर काम सिर्फ इसलिये करते हैं कि दूसरे भी ऐसा करते हैं । क्या करना है , कैसे करना है , कब करना है ……ये हम अपनी मनमर्जी अपने…
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अजीत सिंहकहानियालेखक के विचारसच्ची कहानियां
30 साल पुराना किस्सा : फैक्ट्री का फोरमैन
by Ajit Singhby Ajit Singh 480 views30 साल पुराना किस्सा है । दिल्ली पटना श्रमजीवी Express का । मैं बनारस से दिल्ली आ रहा था । मेरे सहयात्री एक सेठ जी थे , दिल्ली के । उनके साथ एक मैला कुचैला , श्रमजीवी किस्म का आदमी…
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तरह-तरह की तमाम बातें जो सामने आ रही हैं , उन से पता चलता है कि सत्ता की आदती रही कांग्रेस सत्ता से विछोह बर्दाश्त नहीं कर पा रही। सो कांग्रेस की मति मार गई है। बुरी तरह। उस के…
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चलचित्रदयानंद पांडेयलेखक के विचारसामाजिक
जादू है , नशा है / मदहोशियां हैं : जिस्म
by दयानंद पांडेय 628 viewsउन्हीं दिनों एक फिल्म आई थी जिस्म। जॉन अब्राहम और बिपाशा बसु अभिनीत इस फिल्म में एक गाना तब खूब हिट हुआ था , जादू है , नशा है / मदहोशियां हैं । जितना मादक गीत था , उस से…
