तब प्रिंट का समय था। पर जल्दी ही नेट का समय आ गया। उस में भी यशवंत सिंह भड़ास4मीडिया ले कर उपस्थित हुए। 2001 में अपने-अपने युद्ध छपा था। 9 साल बाद 2010 में भड़ास पर अपने-अपने युद्ध का धारावाहिक…
मुद्दा
-
-
दयानन्द पांडेमुद्दाराजनीतिलेखक के विचारसामाजिक
हुसैनीवाला बार्डर के बहाने…
by दयानंद पांडेय 406 viewsहुसैनीवाला बार्डर के बहाने कांग्रेस ने अपने ताबूत में एक और कील ठोंक ली कोई माने न माने पर मेरा स्पष्ट आकलन है कि हुसैनीवाला बार्डर पर जल्दी ही भाजपा एक रैली फिर से आयोजित करेगी और नरेंद्र मोदी…
-
प्रांजय कुमारमुद्दाराजनीतिलेखक के विचारसामाजिक
श्री गुलाब कोठारी जी के नाम खुला #पत्र_02
by Pranjay Kumar 583 viewsआदरणीय गुलाब कोठारी जी! सादर नमस्कार। आपकी पत्रिका में “हिन्दू कौन?” शीर्षक से आपका सम्पादकीय लेख पढ़कर सहसा विश्वास नहीं हुआ कि एक विद्वान् और भारतीय शास्त्रों के ज्ञाता के रूप में प्रसिद्ध हुआ कोई सम्पादक–पत्रकार ऐसा तथ्यहीन और अतार्किक…
-
स्वयं को सर्वज्ञ मानने वाला व्यक्ति यदि दुर्भाग्य से किसी समाचार-पत्र का मालिक भी हो तो वह मनमानेपन की छूट पा जाता है। जीवन के सभी क्षेत्र में सरस्वती पर लक्ष्मी के हावी होने के प्रमाण मिलते हैं। लक्ष्मी की…
-
मुद्दाराजनीतिलेखक के विचारस्वामी व्यालोक
रवीश भैया का जात-पुराण
by Swami Vyalokby Swami Vyalok 654 viewsभीड़ का क्या है, भीड़ तो भीड़ है। हमारे पूर्वज हरिशंकर परसाई जी ने भी भीड़ पर लिखा था। भीड़ मोदीजीवा, शाहजीवा में भी उमड़ती है, ‘दादी जैसी नाक’ वाली प्रियंका गांधी और जमानत पर चल हे राहुल गांदी में…
-
इष्ट डॉ सांकृत्यायनचिकित्सा जगतमुद्दाविदेशसुरक्षा
ओमिक्रोन को हल्के में नहीं लिया जाए
by Isht Deo Sankrityaayan 617 viewsदो दिन पूर्व मैंने अपने चिकित्सक मित्र Roop Kumar का संदर्भ देते हुए लिखा था कि कोविड19 की नई किस्म ओमिक्रोन को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए। खासकर महमारीजन्य क्लांति (Pandemic Fatigue) की आशंका को देखते हुए। आज अमेरिका…
-
अजीत सिंहखेल खिलाडीमुद्दा
हम भारतीय अपने बच्चों को खुद ही Sports नही कराते
by Ajit Singhby Ajit Singh 698 viewsहम भारतीय अपने बच्चों को खुद ही Sports नही कराते , फिर ताने भी मारते हैं कि 130 करोड़ लोगों के इस देश मे इतने कम ओलंपिक मैडल क्यों ???? उसपे एक मित्र ने कमेंट किया कि आपने तो किया…
-
अजीत सिंहकहानियाजाति धर्ममुद्दाराजनीतिविदेश
एक हिरन की कहानी : राजनितिक देशो की व्यथा
by Ajit Singhby Ajit Singh 489 viewsहिरण पूरे दिन घास खाने मे लगा रहता है, और घास को प्रोटीन में बदलने में ही लगा रहता है। ब्रह्मांड में प्रोटीन का प्राइमरी सोर्स पौधों से ही मिलता है दूसरी तरफ माँसाहारी जानवरों को जब तक भूख नहीं…
-
अपराधआशीष कुमार अंशुऐतिहासिकजाति धर्ममुद्दालेखक के विचार
अशोक कुमार भगवान भाई परमार का किताब लोकार्पण
by Ashish Kumar Anshu 721 viewsकेरल के तिरुची में सीपीएम के मंच से एक किताब के लोकार्पण के दौरान अशोक कुमार भगवान भाई परमार का परिचय दंगाई के रूप में दिया गया था। उनकी ‘दंगाई’ के तौर पर फ्रेम किए जाने लायक तस्वीर पत्र-पत्रिकाओं में…
-
अजीत सिंहमुद्दालेखक के विचारसामाजिक
ममता याद है ? : उदयन की ममता
by Ajit Singhby Ajit Singh 744 viewsममता याद है ? उदयन की ममता ……. किसी ज़माने में वो हमारी poster girl हुआ करती थी । बेहद आक्रामक , Rebillious , अपने हक़ के लिये लड़ने वाली , आवाज़ उठाने वाली ….. एक बार भिलाई से अरविंद…
