शाब्दिक व दार्शनिक तर्कशीलता के मानदंडों में अद्वितीय व विलक्षण संस्कृति, व्यवहारिक धरातल की वास्तविकता में बहुत ही अधिक अमानवीयता व खोखलाहट को ही पोषित करती व जीती रही। दर्शन को व्यवहारिक-जीवंतता के स्थान पर केवल शाब्दिक तर्कशीलता तक ही…
विषय
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरमुद्दालेखक के विचार
संस्कृति संस्कार बनाम स्त्री
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 574 viewsपुरुष ने अपनी स्त्री को जिस रूप में देखना चाहा; ईश्वर, ईश्वर-लोक व ईश्वर-लोक की स्त्री को उसी के अनुरूप ही गढ़ा। ताकि पुरुष अपनी स्त्री को सहजता से अपना बेहतर अनुगामी, आज्ञापालक-सेवक व भोग्या-दास बना सके और ऐसा होने…
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उमराओ विवेक सामाजिक यायावरकहानियामुद्दालेखक के विचार
स्त्री के प्रति हमारा नजरिया और शुचिता का आडंबर बनाम संस्कार संस्कृति
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 463 viewsस्त्री को माहवारी झेलना पड़ता है, स्त्री गर्भवती होती है, स्त्री अपने गर्भ में बच्चे को नौ महीने पालती है और एक दिन स्त्री बच्चे को अपने यौनांग से धरती पर अवतरित कराती है। जीवन देने की क्षमता के कारण…
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ये दुनिया एक ईकोइंग वैली है। यहाँ आप जो कुछ भी कहते हैं, वह कुछ दिनों बाद आप ही के पास लौट आता है। व्यक्ति के रूप में कौन लौटाएगा, यह तय नहीं है। लेकिन लौटेगा जरूर, यह तय है।…
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मुद्दालेखक के विचारसामाजिकस्वामी व्यालोक
छठ में कर्मकांड नहीं होता
by Swami Vyalokby Swami Vyalok 868 viewsअच्छा, कर्मकांड मतलब क्या? ज्ञानकांड मतलब क्या? सूप में जो आप ईख, नारियल, ठेकुआ, भुसवा आदि डालते हैं, पुरवा में दीपक जलाते हैं, शाम को घाट लीपकर वहां सबकुछ सहेज कर रखते हैं, फिर आपकी मां, भाभी, भाई या कोई…
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बात छठ की या दीवाली-दशहरा किसी की नहीं है। बात सनातन की है। यहां फिर कहना पड़ेगा कि नराधम वामपंथी जिसे आज हिंदुइज्म (हिंदूवाद) और हिंदुत्व में बांट रहे हैं, हिंदुत्व को राजनीतिक विचारधारा बता रहे हैं। ये नरपिशाच मजबूर…
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कासगंज में एक पुलिस थाने में मजलूम अल्ताफ की किस तरह मौत हुई, यह हम सबने देखा। पुलिस ने सिद्धांत दिया कि दो फुट ऊंची पाइप से अपनी जैकेट के हुड की रस्सी निकालकर अल्ताफ ने फांसी लगा दी। बाप…
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इस बीच कई वेब-सीरीज देखने के बाद एक चीज समझ में आयी है। इनके लिखने और बनानेवालों ने कुछ चीजें ठान ली हैं। ये एक ही बिरादरी और तबके के हैं। ये किस दुनिया के हैं, पता नहीं लेकिन भारतीय…
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मेरे लिए कालीचरण ‘महाराज’ नहीं, पर एक अच्छे गायक और सुरीले भक्त जरूर हैं। उनके सारे पाप बस इस एक शिवतांडव-पाठ से धुल सकते हैं, अगर उन्होंने कोई पाप किए हों। हालांकि, मुझे नहीं पता उन्होंने कोई पाप किया है…
