दो दिन पूर्व मैंने अपने चिकित्सक मित्र Roop Kumar का संदर्भ देते हुए लिखा था कि कोविड19 की नई किस्म ओमिक्रोन को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए। खासकर महमारीजन्य क्लांति (Pandemic Fatigue) की आशंका को देखते हुए। आज अमेरिका…
हमारे लेखक
-
-
अपराधआशीष कुमार अंशुऐतिहासिकजाति धर्ममुद्दालेखक के विचार
अशोक कुमार भगवान भाई परमार का किताब लोकार्पण
by Ashish Kumar Anshu 724 viewsकेरल के तिरुची में सीपीएम के मंच से एक किताब के लोकार्पण के दौरान अशोक कुमार भगवान भाई परमार का परिचय दंगाई के रूप में दिया गया था। उनकी ‘दंगाई’ के तौर पर फ्रेम किए जाने लायक तस्वीर पत्र-पत्रिकाओं में…
-
तरह-तरह की तमाम बातें जो सामने आ रही हैं , उन से पता चलता है कि सत्ता की आदती रही कांग्रेस सत्ता से विछोह बर्दाश्त नहीं कर पा रही। सो कांग्रेस की मति मार गई है। बुरी तरह। उस के…
-
चलचित्रदयानंद पांडेयलेखक के विचारसामाजिक
जादू है , नशा है / मदहोशियां हैं : जिस्म
by दयानंद पांडेय 636 viewsउन्हीं दिनों एक फिल्म आई थी जिस्म। जॉन अब्राहम और बिपाशा बसु अभिनीत इस फिल्म में एक गाना तब खूब हिट हुआ था , जादू है , नशा है / मदहोशियां हैं । जितना मादक गीत था , उस से…
-
बलात्कार के आरोपी खुर्शीद अनवर की आत्महत्या के बाद सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों का एक बड़ा समूह मीडिया ट्रायल के आरोप के साथ लुटियन दिल्ली में सक्रिय हो गया था। उन दिनों आरफा खानम शेरवानी और उर्मिलेश दोनों ही कथित…
-
आशीष कुमार अंशुजाति धर्ममुद्दाराजनीतिलेखक के विचार
हिन्दू—मुस्लिम एकता की बात करने वाले….
by Ashish Kumar Anshu 745 viewsआपने कभी गौर किया है, हिन्दू—मुस्लिम एकता की बात करने वाले, हिन्दूओं को बांटने में कोई कोर—कसर नहीं छोड़ते। अब यह हिन्दू—मुस्लिम एकता वाला पूरा गिरोह उत्तर प्रदेश में जाट—मुसलमान एकता की बात कर रहा है। यह गिरोह बिहार और…
-
उमराओ विवेक सामाजिक यायावरलेखक के विचारसामाजिक
सफलता व उपलब्धि बनाम हमारी मानसिकता
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 769 viewsसफलता व उपलब्धि को हम ठीक से परिभाषित ही नहीं कर पाए हैं। यदि सफलता को हम ठीक से परिभाषित कर लिए होते तो हमारे समाज की दिशा ही भिन्न होती, लोगों की मानसिकता भिन्न होती, जीवन के मानदंड ही…
-
उमराओ विवेक सामाजिक यायावरमुद्दालेखक के विचारसामाजिक
विवाह, दाम्पत्य व पालन-पोषण बनाम संस्कृति संस्कार
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 407 viewsविवाह के समय लड़की व लड़के को संस्कारों की कसौटी में मूल्यांकन करने का जबरदस्त प्रचलन है, जिसको परिवार व समाज की संस्कृति की रक्षा व समृद्धि के लिए लड़का लड़की को ठोंक बजाकर चुनना कहा जाता है। इस प्रक्रिया…
-
उमराओ विवेक सामाजिक यायावरभारत वीरमुद्दासच्ची कहानियांसुरक्षा
रक्षा-प्रमुख दुर्घटना बनाम विदेशी-षणयंत्र देखने की हमारी प्रवृत्ति
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 521 viewsराष्ट्र के रक्षा-प्रमुख व अन्य लोगों का हेलीकाप्टर दुर्घटना में असामयिक निधन होना दुखद है। पिछले एक वर्ष में किसान-आंदोलन में सैकड़ों किसानों का शहीद होना भी दुखद है। रक्षा-प्रमुख, उनके साथियों तथा किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। हमारे…
-
उमराओ विवेक सामाजिक यायावरमुद्दाशिक्षासामाजिक
स्वाध्याय का स्तर : लफ्फाज, बकबकिया, या सतही मानसिकता….
by Umrao Vivek Samajik Yayavar 372 viewsलगभग 8-9 साल पहले जब मैंने फेसबुक पर बताया कि मैंने अपने जीवन में स्कूल, यूनिवर्सिटी, शोध इत्यादि डिग्री कोर्सों में पढ़ी जाने वाली किताबों के अतिरिक्त 40 हजार से अधिक किताबें पढ़ी हैं। तब कई लोगों ने हिसाब-किताब लगाया…
