Home लेखक और लेखअजीत सिंह कुल्लू मनाली में मंडयाली धाम या भोजन यानी धाम

कुल्लू मनाली में मंडयाली धाम या भोजन यानी धाम

by Ajit Singh
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आजकल जहाँ मैं रहता हूँ – कुल्लू मनाली में , यहां से सटा हुआ एक जिला है मंडी ।
यहां मंडी के स्थानीय Cuisine को मंडयाली धाम कहते हैं ।
मंडयाली यानी मंडी की और धाम आप यूँ कह सकते हैं कि मंदिर में प्रसाद स्वरूप बना भोजन यानी धाम ……..
ये यहां का शुद्ध शाकाहारी पारंपरिक भोजन है जिसे प्राचीन काल से ही मुख्यतया ब्राह्मण रसोइये बनाया करते थे ।
आज भी इसे बनाने वाले वही लोग हैं और पारंपरिक वस्त्र धोती कुर्ता , माथे पे तिलक और शिखा उनकी पहचान है।
नंगे पैर ही रसोई में भोजन बनाते और परोसते हैं ।
स्थानीय लोग आज भी विभिन्न समारोहों में ये भोजन भूमि पर बैठ कर पत्तल में ही ग्रहण करते हैं ।
शादी विवाह तक मे स्थानीय लोग ये भोजन टेबल कुर्सी पे बैठ के नही खाते ।
यह अपने आप मे एक अनूठा Cuisine है जिसकी मिसाल और ये स्वाद आपको भारत भर में किसी अन्य cuisine में नही मिलेगा ।
इसमें मुख्यतया 6 – 7 पारंपरिक Dishes होती हैं जिन्हें चावल के साथ खाया जाता है।
इनमे मुख्य डिश एक दाल जिसे धोतुआ दाल कहते हैं ।
उड़द की दाल की बड़ियां जिन्हें सेपू बड़ी कहते हैं
एक पनीर की डिश
कढ़ी से मिलती जुलती एक डिश जिसे रेहडू कहते हैं
राजमा
सबसे मजेदार चने का खट्टा ……
और इसके साथ कद्दू का मीठा ।
आमतौर पे हिमाचल में मिठाई का culture नही है और हिमाचली पाक कला में मिठाई का ज़्यादा प्रचलन नही पर इस मंडयाली धाम में जो कद्दू का मीठा होता है वो इतना लाजवाब है कि आपको जीवन भर याद रहेगा ।
ये भोजन आमतौर पे आपको शादी बियाह में या धार्मिक आयोजनों में ही खाने को मिलेगा ।
पर मनाली जाते हुए सुंदरनगर में – ” अन्नपूर्णा मंडयाली धाम ” नामक ढाबे पे भी आपको शानदार बेहतरीन मंडयाली भोजन मिल जाएगा ।
ऐसा कि आप खा के उंगलियां चाटते रह जाएं ।
स्थानीय लोग इसमें सिर्फ चावल के साथ इसे खाते हैं पर अन्नपूर्णा ढाबे पे आपको इस थाली में रोटी भी परोसी जाती है ।
इस पूरे इलाके में यही या इससे मिलता जुलता भोजन
कांगड़ा जिले में कांगड़ी धाम
कुल्लू में कुल्लवी धाम के नाम से मिल जाएगा ।
पर ओरिजिनल मंडयाली धाम तो लाजवाब है ।
मनाली आते हुए रास्ते मे सुंदरनगर में मंडयाली धाम जरूर try कीजिये ।

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