एक गांव में एक पोस्टमास्टर साहब रहते थे। बच्चे, उनके तीन थे लेकिन उनका मझला लड़का बचपन से शरारती तबियत का था। हांलांकि शरारत करते-करते कुछ शरारती, लपककर…अपराध की दुनिया का चखना, चखने लगते हैं। ऐसे ही चखने की जद…
लेखक के विचार
-
-
कहानियादयानंद पांडेयलेखक के विचार
जब एक लड़की से करुण रस के बारे में पूछा तो
by दयानंद पांडेय 724 viewsउन दिनों बी ए में पढता था। पर क्लास की पढाई-लिखाई से कहीं ज़्यादा कविता लिखने की धुन सवार थी। धुन क्या जुनून ही सवार था। कवि गोष्ठियों में जाने की लत भी लग गई थी। फिर कवि सम्मेलनों में…
-
मुल्क और मज़हब में जब मज़हब भारी हो जाता है तो एक जिन्ना खड़ा हो जाता है और पाकिस्तान पैदा हो जाता है। दुर्भाग्य से अब कई सारे जिन्ना खड़े हो गए हैं। इस बात से किसी को असहमति हो…
-
कहानियादयानंद पांडेयलेखक के विचार
यहां तो स्त्री कंधा से कंधा मिला कर चलती मिलती है : करुण रस
by दयानंद पांडेय 807 viewsएक बार गोरखपुर यूनिवर्सिटी में वायवा लेने आए आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी। वाइबा में एक लड़की से उन्हों ने करुण रस के बारे में पूछ लिया। लड़की छूटते ही जवाब देने के बजाय रो पड़ी। बाद में जब वायवा की…
-
हालां कि अटल बिहारी वाजपेयी बताते नहीं थकते थे कि उन्हों ने कभी भी इंदिरा गांधी को दुर्गा नहीं कहा । अटल जी कहते थे कि यह भ्रम रोमिला थापर ने लिख कर फैलाया है । वह यह भी कहते…
-
इस देश में जब जब चुनाव आता है तब तब कुछ राजनीतिक गिद्ध लाशों की राजनीति करने पहुँच जाते हैं। चुनावी हार के बाद ये भेड़िए फिर जंगल में जा कर छुप जाते हैं। इनको तब सरोकार से कोई मतलब…
-
मेरी लोग मानते ही नहीं ….. गाँधी जी हर मौसम, हर काण्ड, हर एक situation की एक शानदार शील्ड हैं ….. जब CPI-ML, हरमद बाहिनी, SIMI, यासीन मलिक, अमान्तुल्लाह, ज्योति बसु, पिनरय बिजोयन और यहाँ तक कि इमरान खान से…
-
अवनीश पी ऍन शर्माजाति धर्मराजनीतिलेखक के विचार
उत्तर प्रदेश के मुसलमान मतदाता – चुनावी समीक्षा 2022
by Awanish P. N. Sharma 583 viewsउत्तर प्रदेश के मुसलमान मतदाताओं के पास कोई वजह नहीं है वर्तमान भाजपा सरकार को 2022 में वापस आने से रोकने की। देश के किसी भी हिस्से में लागू केंद्र या राज्य की सरकारी योजनाओं का पात्र होने की दशा…
-
कहानियारिवेश प्रताप सिंहलेखक के विचार
घर के पास व्यस्त चौराहे और कार मकैनिक
by रिवेश प्रताप सिंह 445 viewsघर के पास व्यस्त चौराहे पर, पिछले एक सप्ताह से मुनादी की जा रही है- सावधान! सावधान!! सावधान!!! यदि कोई व्यक्ति सादे वर्दी में आकर, अपने को पुलिस वाला या पुलिस का अधिकारी बताकर आपको लूटना चाहता हों… तो आप…
-
कहानियारिवेश प्रताप सिंहलेखक के विचारहास्य व्यंग
मेरा मित्र और जाड़े का यह मौसम
by रिवेश प्रताप सिंह 473 viewsमेरे एक मित्र की माता जी, मुझसे अपने पुत्र, मतलब मेरे मित्र की उलाहना दे रहीं थीं कि “यह नबाब साहब सुबह बिस्तर से उठते नहीं। यहां तक कि इनके लिए बिस्तर तक मुझे पानी लेकर आना पड़ता है।” मैंने…
