कल फेसबुक पर एक मित्र ने प्रश्न पुछा – मैं इक सिख हूँ, ईमानदारी से बताना मुझसे किसे किसे डर लगता है अब ? मैं कल से ही इस प्रश्न को सोच रहा हूँ … मैं सोच रहा हूँ कि…
सामाजिक
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मैं जब उन्नीस साल का था तब आखिरी बार गोरखपुर खाद कारखाने को चलते देखा… अब पचास साल का होने पर उसी गोरखपुर खाद कारखाने को दोबारा चलते देख रहा हूँ। किसने बर्बाद किये गोरखपुर खाद कारखाने और किसानों के…
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कल अर्बन कम्पनी से बाल काटने के लिए नाई बुलाया. नाई मुस्लिम था. जैसी अपनी आदत है, उससे पूँछा कि तुम्हारी बिरादरी का वोट कहाँ जाएगा. मैं बोलता कम हूँ सुन कर अब्ज़र्व ज़्यादा करता हूँ.वह पहले सेक्युलरिज़म, हम सब…
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मोबाइल, इन्टरनेट के युग में मनोरंजन के तमाम प्लेटफार्म उपलब्ध है। इसलिए आज के युवा दूरदर्शन पर प्रसारित होने वाले फिल्मी संगीत कार्यक्रम ‘चित्रहार’ तथा ‘रंगोली’ की कीमत क्या समझेंगे भला!! रविवार की सुबह रंगोली तथा बुधवार-शुक्रवार की रात में…
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ऐतिहासिकनयानितिन त्रिपाठीसच्ची कहानियांसामाजिक
पराग अग्रवाल ट्विटर के सीईओ
by Nitin Tripathi 625 viewsभारतीय मूल के पराग अग्रवाल ट्विटर के सीईओ घोषित किए गए हैं। बिल्कुल सही समय है ब्रेन ड्रेन को डिस्कस करने का। बड़ा टॉपिक है तो केवल टेक्नॉलजी ब्रैन ड्रेन डिस्कस है इस पोस्ट पर। नब्बे के दसकों मे सरकारों…
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रामायण एक्सप्रेस के ड्रेस कोड मे अटेंडेंट ने भगवा कुर्ता, लाल धोती, राजस्थानी पगड़ी रुद्राक्ष माला के साथ पहनी तो काफी सारे लोगों की और संत समुदाय के एक हिस्से की भावनाएं आहत हो गईं। वजह यह कि जूठे बर्तन…
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छठ में पंडे-पुरोहित की जरुरत नहीं होती है। बहुत सही बात है। अब ये बताइये कि कुछ ही दिन पहले जो भाई दूज (भातृ-द्वितीय या भरदुतिया) किया था, या करते आ रहे हैं, उसमें कौन से पुरोहित बुलाये जाते हैं?…
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पेड बुद्धिजीवियों, लालची लिब्रलों और मक्कार विधर्मीयों को सोचना चाहिए कि हिन्दू कितना भी उग्र हो जाये किन्तु वह क्रूर नही हो सकता है। अत्याचार करोगे तब उसका दण्ड तो भोगना ही होगा!तुम जैसे लोगों का सबसे भयानक दण्ड है…
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इतिहासजलज कुमार मिश्राराजनीतिसामाजिक
भारत रत्न पं.अटल बिहारी वाजपेयी
by Jalaj Kumar Mishra 407 viewsपं.अटल बिहारी वाजपेयी जब भारत रत्न को मिले तब भारत रत्न भी उनको पाकर धन्य हुआ। एक बार पंडित जी से किसी ने आकर कहा कि आपके पास ओजस्वी भाषण की जो अद्भुत कला है उसका मैं कायल हूँ। इस…
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तुलसी बाबा ने वह सब लिख दिया है जिसके चलते जीवन को सरल और सुगम बनाया जा सके! आज मित्रता दिवस पर मुझे तुलसी बाबा द्वारा लिखित कुछ पंक्तियाँ याद आ रही है। अब देखिए ना बाबा लिखते है कि-…
