विजयादशमी अधर्मी पर धर्म के विजय का दिन है। मानवतावाद ही नही कोई भी वाद सिर्फ मवाद होता है और कोई भी इज्म सिर्फ षड्यंत्र होता है। धार्मिक होना मानव होने की पहली शर्त है और इस दुनिया में सिर्फ…
हमारे लेखक
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कहानियारूद्र प्रताप दुबेलेखक के विचारसच्ची कहानियां
‘किस्सागो’- कहानी कहने वाला
by Rudra Pratap Dubey 480 viewsएक शब्द है ‘किस्सागो’, जिसका अर्थ होता है कहानी कहने वाला। किसी ‘समय विशेष’ की कहानियां सुनाने वाले लोग होते हैं किस्सागो और उनकी ये स्टाइल कहलाती है किस्सागोई। किस्सागो अपने स्वर के उतार-चढ़ाव, म्यूजिक और लाइट इफेक्ट के साथ…
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जलज कुमार मिश्राजाति धर्ममुद्दाराजनीति
इस देश में जब जब चुनाव आता है
by Jalaj Kumar Mishra 727 viewsइस देश में जब जब चुनाव आता है तब तब कुछ राजनीतिक गिद्ध लाशों की राजनीति करने पहुँच जाते हैं। चुनावी हार के बाद ये भेड़िए फिर जंगल में जा कर छुप जाते हैं। इनको तब सरोकार से कोई मतलब…
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हमलोग इस रविवार से यूट्यूब पर एक नयी शरुआत करने जा रहें हैं। इस शुरुआत का नाम ‘राइट साइट’ है। यहाँ पर हमलोग भारतीय सभ्यता, संस्कृति, धर्म, इतिहास, राजनीति, साहित्य और सिनेमा के साथ साथ अन्य विविध विषयों पर विमर्श…
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पेड बुद्धिजीवियों, लालची लिब्रलों और मक्कार विधर्मीयों को सोचना चाहिए कि हिन्दू कितना भी उग्र हो जाये किन्तु वह क्रूर नही हो सकता है। अत्याचार करोगे तब उसका दण्ड तो भोगना ही होगा!तुम जैसे लोगों का सबसे भयानक दण्ड है…
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संस्कृत का सम्मान सिर्फ सनातन का सम्मान करना ही नही बल्कि अपने पुरखों का भी सम्मान करना है। आज विश्व संस्कृत दिवस है। संस्कृत संसार की सबसे प्राचीन और देव भाषा है। संस्कृत भाषा में करीब 102 अरब 78 करोड़…
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सावन अब समाप्ति के कगार पर खड़ा है। सुर्य का अस्त की तरफ पाव बढ़ चले थे, लालिमा लिए आसमान की छटा गाँव के श्रृंगार को मादकता दे रही है। क्षितिज पर एक ओर चाँद और एक ओर सूरज दोनों…
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इतिहासजलज कुमार मिश्राराजनीतिसामाजिक
भारत रत्न पं.अटल बिहारी वाजपेयी
by Jalaj Kumar Mishra 449 viewsपं.अटल बिहारी वाजपेयी जब भारत रत्न को मिले तब भारत रत्न भी उनको पाकर धन्य हुआ। एक बार पंडित जी से किसी ने आकर कहा कि आपके पास ओजस्वी भाषण की जो अद्भुत कला है उसका मैं कायल हूँ। इस…
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यकीं होता नही परन्तु करना पड़ रहा है कि हम लोग खोखले होते जा रहे हैं।पिछली दो पीढ़ियों से हमने कायरता चुनना शुरु कर दिया है और अपनी अगली पीढ़ियों को भी हम कायर बनाने लगे हैं।वरना क्या हिम्मत किसी…
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