एक बार गोरखपुर यूनिवर्सिटी में वायवा लेने आए आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी। वाइबा में एक लड़की से उन्हों ने करुण रस के बारे में पूछ लिया। लड़की छूटते ही जवाब देने के बजाय रो पड़ी। बाद में जब वायवा की…
कहानिया
-
-
कहानियारिवेश प्रताप सिंहलेखक के विचार
घर के पास व्यस्त चौराहे और कार मकैनिक
by रिवेश प्रताप सिंह 494 viewsघर के पास व्यस्त चौराहे पर, पिछले एक सप्ताह से मुनादी की जा रही है- सावधान! सावधान!! सावधान!!! यदि कोई व्यक्ति सादे वर्दी में आकर, अपने को पुलिस वाला या पुलिस का अधिकारी बताकर आपको लूटना चाहता हों… तो आप…
-
मेरे शहर में एक टेलर है। कटिंग, फिटिंग के मामले में मशहूर है। हांलांकि अब रेडिमेड कपड़ों के दौर में दर्जी के यहां जाना कम ही हो पाता है। दरअसल सिलाई इतनी मंहगी हो चली है कि कपड़ा खरीदने, सिलवाने…
-
कहानियारिवेश प्रताप सिंहलेखक के विचारहास्य व्यंग
मेरा मित्र और जाड़े का यह मौसम
by रिवेश प्रताप सिंह 506 viewsमेरे एक मित्र की माता जी, मुझसे अपने पुत्र, मतलब मेरे मित्र की उलाहना दे रहीं थीं कि “यह नबाब साहब सुबह बिस्तर से उठते नहीं। यहां तक कि इनके लिए बिस्तर तक मुझे पानी लेकर आना पड़ता है।” मैंने…
-
कहानियारिवेश प्रताप सिंहलेखक के विचार
डॉक्टर साहब का अस्पताल और यह चुनावी रैली
by रिवेश प्रताप सिंह 540 viewsमेरे एक जानने वाले, जिनका छोटा सा अस्पताल चलता था। मरीजों की तादाद इतनी कम थी कि डाक्टर साहब मरीज देखने के बाद उसके साथ बैठकर घंटों बात कर लेते। साथ में मूंगफली चटका लेते। मरीज का मर्ज जानने के…
-
कस्बे मे एक छोटी सी स्टैशनेरी की दुकान थी – दुकान के मालिक का नाम प्रेमू था। मेरे बचपन का सपना था एक दिन बहुत पैसे कमाऊँगा और प्रेमू की दुकान से मन भर कर शॉपिंग करूंगा। हम सभी बच्चों…
-
कहानियानितिन त्रिपाठीमीडियाराजनीति
किस्सा लोकसभा चुनावों का वोट कमल को वोट अटल को
by Nitin Tripathi 645 viewsयह 1998 लोकसभा चुनावों का क़िस्सा है. उस समय वोट बैलट पेपर पर होते थे. एक भाजपा का कार्यकर्ता स्थानीय सांसद से बहुत नाराज़ था. सबको शक था कि यह भाजपा को वोट तो बिल्कुल न देगा. लाइन में जब…
-
अखिलेश भैय्या की जेब में बोतल क्या दिखी, लोग मज़े लेने लग गए. वैसे यह कोई भी बोतल हो सकती है. बड़े लोग बड़ी बातें. एक बार एक वरिष्ठ पूजनीय गुरु जी के स्वागत में मुझे लगाया गया. उनके साथ…
-
इतिहासऐतिहासिककहानियाजलज कुमार मिश्राजाति धर्ममुद्दा
विजयादशमी अधर्मी पर धर्म के विजय का दिन
by Jalaj Kumar Mishra 374 viewsविजयादशमी अधर्मी पर धर्म के विजय का दिन है। मानवतावाद ही नही कोई भी वाद सिर्फ मवाद होता है और कोई भी इज्म सिर्फ षड्यंत्र होता है। धार्मिक होना मानव होने की पहली शर्त है और इस दुनिया में सिर्फ…
-
कहानियारूद्र प्रताप दुबेलेखक के विचारसच्ची कहानियां
‘किस्सागो’- कहानी कहने वाला
by Rudra Pratap Dubey 518 viewsएक शब्द है ‘किस्सागो’, जिसका अर्थ होता है कहानी कहने वाला। किसी ‘समय विशेष’ की कहानियां सुनाने वाले लोग होते हैं किस्सागो और उनकी ये स्टाइल कहलाती है किस्सागोई। किस्सागो अपने स्वर के उतार-चढ़ाव, म्यूजिक और लाइट इफेक्ट के साथ…
