रामायण एक्सप्रेस के ड्रेस कोड मे अटेंडेंट ने भगवा कुर्ता, लाल धोती, राजस्थानी पगड़ी रुद्राक्ष माला के साथ पहनी तो काफी सारे लोगों की और संत समुदाय के एक हिस्से की भावनाएं आहत हो गईं। वजह यह कि जूठे बर्तन…
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करोना काल में दो ऊनीस वर्षीय भारतीय युवकों ने दस मिनट में ग्रोसरी डिलीवरी कॉन्सेप्ट पर एक कम्पनी ज़ेप्टो बना डाली. ज़ेप्टो को अब तक लगभग सात सौ करोड़ की फ़ंडिंग हो चुकी है और कम्पनी का वैल्यूएशन लगभग तीन…
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रवीश कुमार दानिश सिद्दीक़ी की क्रूर हत्या पर तालीबान के ख़िलाफ़ एक शब्द ना लिख पाए उलटे उस गोली को ज़िम्मेदार बताया जिसने दानिश की जान ली. गलती रवीश की नहीं है. यक़ीन मानिए आज से दस वर्ष पूर्व के…
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एतिहासिक प्रमाण हैं भारत की हड़प्पा क़ालीन सभ्यता के समय जो शहर होते थे उनकी प्लानिंग बहुत शानदार होती थी. पूर शहर ब्लॉक्स पर आधारित होता था. ख़ूब चौड़ी मुख्य सड़कें जो नब्बे डिग्री के ऐंगल पर काटती थी. उनसे…
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ऐतिहासिकजाति धर्मनितिन त्रिपाठीविदेश
अमेरिका में पैदा भारतीय मूल के बच्चे
by Nitin Tripathi 395 viewsपचीस वर्ष पूर्व अमेरिका में पैदा हुवे रह रहे भारतीय मूल के बच्चों को ABCD बुलाते थे. ABCD = American Born Confused Desi. Confused इस लिए कि घर पर तो उनके पिता जी भारत महान, भारत के बड़े लम्बे चौड़े…
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अमेरिका जैसे देशों में यदि कोई अंग्रेज बेटा किसी भारतीय या चीन या किसी दूसरे देश से आए नागरिक की ख़राब अंग्रेज़ी की हंसी उड़ाता है तो समझदार माँ बाप समझाते हैं कि जिसकी तुम हंसी उड़ा रहे हो वह…
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भारत में अब तक लगभग 34 करोड़ करोना के टीके लगाए जा चुके हैं. देखा जाए तो कुल जनसंख्या के लगभग 25% टीके लग चुके हैं. वहीं भारत के पड़ोसी देशों जैसे बंगला देश, पाकिस्तान में बमुश्किल पाँच प्रतिशत, ढेरों…
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जब देवबंद के मशहूर आलिम और पकिस्तान के पूर्व जस्टिस मौलाना तक़ी उस्मानी के पिता मुफ़्ती शफ़ी उस्मानी ने अपनी किताब* में क़ुरआन और हदीस के हवाले(उद्धरण) से ये साबित किया कि दस्तकार/शिल्पी/पेशावर/महनतकश मुसलमान मलेछ(रज़िल/अर्ज़ाल) और असभ्य(जल्फ़/अजलाफ) हैं और इस्लाम…
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आज दो अलग अलग विचारधारा के महत्वपूर्ण लोग इस दुनिया को छोड़ कर गये। एक थे छत्रपति शिवाजी महाराज के इतिहास को लोक तक पहुंचाने में अपना जीवन खपाने वाले,पद्मविभूषण और महाराष्ट्रभूषण पुरस्कार से सम्मानित माता सरस्वती के वरद पुत्र…
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छठ में पंडे-पुरोहित की जरुरत नहीं होती है। बहुत सही बात है। अब ये बताइये कि कुछ ही दिन पहले जो भाई दूज (भातृ-द्वितीय या भरदुतिया) किया था, या करते आ रहे हैं, उसमें कौन से पुरोहित बुलाये जाते हैं?…
