तुलसी बाबा ने वह सब लिख दिया है जिसके चलते जीवन को सरल और सुगम बनाया जा सके! आज मित्रता दिवस पर मुझे तुलसी बाबा द्वारा लिखित कुछ पंक्तियाँ याद आ रही है। अब देखिए ना बाबा लिखते है कि-…
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जलज कुमार मिश्राजाति धर्मराजनीति
राम मंदिर व बाबरी मस्जिद और राजनीतिक दाव
by Jalaj Kumar Mishra 497 views“जब अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने से कोई नहीं रोक सका तो मंदिर बनाने से कौन रोकेगा।” यह हिन्दू बहुसंख्यक देश में कहने के लिए समान्य सी बात लगती है लेकिन वामपंथी और कांग्रेसीयों ने मिलकर इस देश कि हिन्दू…
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ज्ञात सभ्यताओं में सबसे पुरानी सत्य सनातन के रक्षक और उपासक के पीढ़ी का वर्तमान हूँ। असंख्य अत्याचार और दमन के बाद भी अपना धर्म नही छोड़ने वाली असंख्य पीढ़ियों का प्रतिनिधित्वकर्ता हूँ। मुझे इसको कहने को कोई शर्म नही,कोई…
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जलज कुमार मिश्रामुद्दासच्ची कहानियांसामाजिक
साहित्यिक चोरी की परम्परा और कटघरे में खड़े होते भिखारी ठाकुर
by Jalaj Kumar Mishra 701 viewsवैसे तो साहित्य चोरी कि परम्परा बहुत पुरानी है और इससे कोई भी भाषा अछूती नही है। भिखारी ठाकुर भोजपुरीआ इलाके का एक ऐसा नाम जिनकी नाच पार्टी अपने दौर की सबसे महँगी नाच पार्टी थी। कलकत्ता के पृष्ठभूमि से…
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चलचित्रजलज कुमार मिश्राजाति धर्ममुद्दा
लव जिहाद में फसी लड़किया – और फ़िल्मी प्रमोशन
by Jalaj Kumar Mishra 664 viewsकभी अंडा-फार्म देखे हैं? अंडा फॉर्म का मालिक मुर्गी खरीद कर लाता है। उन्हें अनेक तरह के पौष्टिक और उत्तेजक आहार देता है, ताकि वे रोज अंडा दे सकें। दवाइयों के कारण अप्राकृतिक तरीके से मुर्गियां साल भर तक रोज…
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इस्लाम का अतीत और वर्तमान निर्दोषों की हत्या से रक्तरंजित है और भविष्य पूरी मानवता के कत्ल का स्वप्न संजोए बैठा है। सबको एक ही रंग के झंडे के नीचे लाने का स्वप्न सामूहिक नरसंहार या सामूहिक धर्मांतरण के बिना…
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जाति धर्मप्रांजय कुमारभारत निर्माणमुद्दाराजनीति
भारतीय संस्कृति के शाश्वत सेतु
by Pranjay Kumar 495 viewsमुझे विश्वास है कि पूज्य शंकराचार्य जी में आपकी मुझसे भी गहरी श्रद्धा होगी, आप सनातन संस्कृति के संरक्षण-संवर्द्धन में उनके योगदान को मुझसे भी अधिक अनुभव करते होंगें। मैं नाम या प्रसिद्धि के लिए लेखन की ओर नहीं प्रवृत्त…
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इतिहासऐतिहासिकप्रांजय कुमारभारत वीरमुद्दा
सोए हुए पौरुष और स्वाभिमान को जागृत-झंकृत करने वाली वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई
by Pranjay Kumar 909 viewsविरला ही कोई ऐसा होगा जो महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य एवं पराक्रम को पढ़-सुन विस्मित-चमत्कृत न होता हो! वे वीरता एवं संघर्ष की प्रतिमूर्त्ति थीं। उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। मात्र 29 वर्ष की…
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जब कोई अपना, बहुत अपना, समाचार-पत्र में आपका लेख देखकर आपको कॉल या मैसेज करे तो यह लेखन का पारितोषिक मिलने जैसा सुखद होता है, यह दिन बनने जैसा होता है, यह चिहुँक पड़ने जैसा होता है, यह बल्लियों उछल…
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संभव है कि आपमें से अनेक मित्रगण श्री Vikas Vaibhav, IPS जी की विशेषताओं से और निकट एवं पूर्व से परिचित हों। पर उनके पवित्र, महान एवं रचनात्मक अभियान लेट्स इंस्पायर_बिहार को और अधिक गति प्रदान करने हेतु उनका यह…
