रामायण एक्सप्रेस के ड्रेस कोड मे अटेंडेंट ने भगवा कुर्ता, लाल धोती, राजस्थानी पगड़ी रुद्राक्ष माला के साथ पहनी तो काफी सारे लोगों की और संत समुदाय के एक हिस्से की भावनाएं आहत हो गईं। वजह यह कि जूठे बर्तन…
मुद्दा
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जलज कुमार मिश्रामुद्दालेखक के विचार
मोबाइल वाली जनरेशन और पुरानी मान्यताये
by Jalaj Kumar Mishra 456 viewsमोबाइल वाली जनरेशन ना तो कौवे का उचरना जानती है और नाही वह चिट्ठी में लिपटी हुई चिंता और वेदना को समझ सकती है। इसके साथ ही अभी तक वह, यह समझने में असमर्थ है कि पुरानी पीढ़ी जब नयी…
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इतिहासऐतिहासिककहानियाजलज कुमार मिश्राजाति धर्ममुद्दा
विजयादशमी अधर्मी पर धर्म के विजय का दिन
by Jalaj Kumar Mishra 341 viewsविजयादशमी अधर्मी पर धर्म के विजय का दिन है। मानवतावाद ही नही कोई भी वाद सिर्फ मवाद होता है और कोई भी इज्म सिर्फ षड्यंत्र होता है। धार्मिक होना मानव होने की पहली शर्त है और इस दुनिया में सिर्फ…
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जलज कुमार मिश्राजाति धर्ममुद्दाराजनीति
इस देश में जब जब चुनाव आता है
by Jalaj Kumar Mishra 713 viewsइस देश में जब जब चुनाव आता है तब तब कुछ राजनीतिक गिद्ध लाशों की राजनीति करने पहुँच जाते हैं। चुनावी हार के बाद ये भेड़िए फिर जंगल में जा कर छुप जाते हैं। इनको तब सरोकार से कोई मतलब…
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जलज कुमार मिश्रामुद्दासच्ची कहानियांसामाजिक
साहित्यिक चोरी की परम्परा और कटघरे में खड़े होते भिखारी ठाकुर
by Jalaj Kumar Mishra 651 viewsवैसे तो साहित्य चोरी कि परम्परा बहुत पुरानी है और इससे कोई भी भाषा अछूती नही है। भिखारी ठाकुर भोजपुरीआ इलाके का एक ऐसा नाम जिनकी नाच पार्टी अपने दौर की सबसे महँगी नाच पार्टी थी। कलकत्ता के पृष्ठभूमि से…
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चलचित्रजलज कुमार मिश्राजाति धर्ममुद्दा
लव जिहाद में फसी लड़किया – और फ़िल्मी प्रमोशन
by Jalaj Kumar Mishra 621 viewsकभी अंडा-फार्म देखे हैं? अंडा फॉर्म का मालिक मुर्गी खरीद कर लाता है। उन्हें अनेक तरह के पौष्टिक और उत्तेजक आहार देता है, ताकि वे रोज अंडा दे सकें। दवाइयों के कारण अप्राकृतिक तरीके से मुर्गियां साल भर तक रोज…
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जाति धर्मप्रांजय कुमारभारत निर्माणमुद्दाराजनीति
भारतीय संस्कृति के शाश्वत सेतु
by Pranjay Kumar 459 viewsमुझे विश्वास है कि पूज्य शंकराचार्य जी में आपकी मुझसे भी गहरी श्रद्धा होगी, आप सनातन संस्कृति के संरक्षण-संवर्द्धन में उनके योगदान को मुझसे भी अधिक अनुभव करते होंगें। मैं नाम या प्रसिद्धि के लिए लेखन की ओर नहीं प्रवृत्त…
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इतिहासऐतिहासिकप्रांजय कुमारभारत वीरमुद्दा
सोए हुए पौरुष और स्वाभिमान को जागृत-झंकृत करने वाली वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई
by Pranjay Kumar 846 viewsविरला ही कोई ऐसा होगा जो महारानी लक्ष्मीबाई के साहस, शौर्य एवं पराक्रम को पढ़-सुन विस्मित-चमत्कृत न होता हो! वे वीरता एवं संघर्ष की प्रतिमूर्त्ति थीं। उनका जन्म 19 नवंबर 1828 को वाराणसी में हुआ था। मात्र 29 वर्ष की…
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संविधान के मुख्य निर्माता डॉ. अंबेडकर ने ही दो बार, वह भी संसद में, पूरी जिम्मेदारी से कहा था कि वे “इस संविधान को जला देना चाहते” हैं। प्रथम अवसर पर (2 सितंबर 1953) उन्होंने कहा कि, ‘‘मैं इस संविधान…
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इतिहासमुद्दारूद्र प्रताप दुबे
मुनव्वर राना आप हरि सिंह नलवा को पढ़िए ..
by Rudra Pratap Dubey 402 viewsहरि सिंह नलवा की रणकौशल की मिसालें ब्रिटिश सैन्य अकादमी में आज तक दी जाती है। महाराज रंजीत सिंह अगर इतने कामयाब हुए तो उसके पीछे उनके सेनापति हरि सिंह नलवा ही थे। हरि सिंह की अगुवाई में ही सिख…
