Home आर ऐ -ऍम यादव ( राज्याध्यक्ष) एक्स मुस्लिम यू ट्यूब चैनल्स के प्रति हिंदू क्या रवैया अपनाएँ ?

एक्स मुस्लिम यू ट्यूब चैनल्स के प्रति हिंदू क्या रवैया अपनाएँ ?

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एक्स मुस्लिम यू ट्यूब चैनल्स के प्रति हिंदू क्या रवैया अपनाएँ ?

कुछ अभ्यास के बाद ये मेरे निष्कर्ष हैं।
नीर क्षीर विवेक से काम लें, उनके जो विडिओ अपने काम के हैं केवल उन्हें ही अपने वॉल और व्हाट्सअप्प पर शेयर करें।
उनके चैनल्स को सबस्क्राइब करें, मेम्बर बनें या पेड सुपरचैट में सवाल भी पूछें। लेकिन सवालों में कुछ तारतम्य अवश्य रखें, जैसे –
— किसी भी एक्स मु. चैनल से सनातन या हिंदू धर्म का बखान न करें। उनसे भी सनातन या हिंदू धर्म की प्रशंसा या प्रचार की अपेक्षा बिल्कुल न करें। वे खुद भी ऐसे नहीं कर सकते। वे केवल अपने पूर्व मज जब की चर्चा करते हैं, क्योंकि यही उनका बलस्थान है, हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए। कुछ लोग वहाँ जा कर सनातन का प्रचार करने लगते हैं और उन्हें बोलने नहीं दिया जाता तो बुरा मान जाते हैं। उनका कहना है कि वहाँ विवाद करने जो म्लेच्छ आते हैं वे तो प्रचार करते हैं अपने मत का, तो हमें ही क्यों बोलने नहीं दिया जाता जब हम पैसे दे कर मेम्बर बनते हैं, सपोर्ट करते हैं ।
मेरे नजर में इन हिंदू भाई बहनों का यह तर्क आत्मघातकी है। इन एक्स मु. का बलस्थान केवल उनका पूर्व मजजब है, और वे उसके बारे में ही अधिक जानते हैं, उन्हें उसपर ही बोलने देना चाहिए, वही हमारे काम की बात होगी जिसे हम हमारे अन्य सनातनी बंधु और सेक्युलर मित्रों के साथ शेयर कर के उनका प्रबोधन कर सकते हैं। आप अगर उन एक्स मु चैनल्स को सपोर्ट करते हैं तो उस सपोर्ट के ऐवज में वे आप को बढिया जानकारी रेडीमेड देते हैं जिसे पाने के लिए आप को बहुत ही मेहनत करनी पड़ेगी और फिर भी हिंदू होने के कारण आप की दी हुई जानकारी को दूसरा हिंदू भी आसानी से सच नहीं मानेगा क्योंकि आप को अरबी तो छोड़िये, उर्दू भी नहीं आती। इनको उर्दू तो छोड़िये, अरबी भी आती है। जो म्लेच्छ अपने मज जब का समर्थन, बचाव करने आते हैं उनको ये बोलने का पूरा मौका देते हैं और फिर उसके रखे मुद्दों को सबूतों के साथ तसल्ली से छीलते हैं । ये विडिओ और उनके क्लिप्स भी ये अपलोड करते हैं ताकि लोग उतनी ही बात शेयर कर सकते हैं, लंबी चार घंटे की स्ट्रीम सुनने का समय नहीं देते लोग। आप को इससे और क्या चाहिए ?
वे हमें शस्त्र दे सकते हैं लेकिन हमारे योद्धा नहीं बन सकते। इससे स्पष्ट और क्या लिखना ? लेकिन पता नहीं क्यों यह बात हमारे कुछ भाई बहनों को समझ ही नहीं आती।
आप को हिंदू धर्म का प्रचार करना ही है तो हिंदू चैनल्स की कोई कमी नहीं। बहुतही इच्छा हो तो अपना फ्री यू ट्यूब चैनल भी खोलकर आजमा सकते हैं कितने लोग आप को सुनने को तैयार हैं।
सनातनी हिंदू को उनको ऐसे ही प्रश्न पूछना चाहिए जिसका उत्तर देने में उनको सनातन की प्रशंसा न करनी पड़े। कोई भी एक्स मु यह नहीं करेगा अगर वो सनातनी बना नहीं तो। लेकिन ऐसे अभ्यासपूर्ण प्रश्न पूछने के लिए आप को भी मज जब का अभ्यास करना होगा, काफी पढ़ना होगा। और यही तो आज के शॉर्टकटिया हिंदू की बीमारी है – बिना मेहनत चमकने की ख्वाहिश। इसलिए बेहतर होगा कि कम से कम इन रेडीमेडस का तो थोड़ा अभ्यास करें और काम की ही क्लिप्स उठाकर अपने वॉल पर शेयर करें, अपने अपने व्हाट्सएप्प ग्रुप्स में शेयर करें। आप को यह अच्छी सामग्री रेडीमेड देने के लिए आप ने अगर मेंबरशिप ली है या पेड सुपरचैटस से उनको प्रोत्साहन दिया है तो अच्छी बात है, हम एक कृतज्ञ समाज हैं। और शेयर करने के लिए छोटे क्लिप्स तो फ्री में मिलते हैं, उनका भी उपयोग अवश्य करें।
कुछ एक्स मु चैनल्स के लिंक्स दे रहा हूँ, जो बहुत ही तार्किक बात करते हैं। आप इन अंग्रेजी में लिखे नामों से यू यूब पर सर्च करें, मिल जाएंगे।
Sachwala – सब से गंभीर और अभ्यास पूर्ण
Ex Muslim Sahil बहुतही शालीन और जानकारी से भरा
Adam Seeker बहुत जानकार। उर्दू चैनल ही सुनें, अपने इंग्लिश चैनल पर ये इसाई मत का प्रचार करता है। लेकिन साहिल, समीर या अन्य किसी भी मुल्हिद के चैनल पर इसाई मत का प्रचार बिल्कुल नहीं करता, यह प्रशंसनीय है। ब्रिटेन में रहता पाकिस्तानी है।
Ex Muslim Spartacus पाकिस्तानी मूल का है, हाल निवास अज्ञात। भारत और भारतीयों के प्रति कृतज्ञ है लेकिन कुछ हिंदू अति कर जाते हैं, सनातन की प्रशंसा सुनना चाहते हैं।
Deen e Murtad – दो तीन मुल्हिद चलाते हैं। बच्चे जैसी आवाज में बहुत तीखे सवाल करनेवाला फ़ैज़ आलम प्रमुख है।
Zafar Heretic जानकारी भरा चैनल है, हिस्ट्री भी बताता है, जहां आक्रांता महान नहीं होते।
Ex Muslim Sameer साहिल जैसा ही है।
Ex Muslim Kohram जानकार और हाजिर जवाब तथा शालीन
Faiz Alam पिच चेंजर से बच्चे जैसी आवाज में बात करता है, शायद किसी कट्टर एरिया में रहता होगा, समझ में आता है। लेकिन है बहुत तेज मिर्च।
Apostate Imam हदीस का विशेषज्ञ
Azaad Ground और Mirza Ghalib साहिल या एडम जितने sophisticated नहीं लेकिन बहुत क्लियर सोच के लोग है और बिना लाग लपेट के वो बात भी बोल देते हैं जो एडम भी नहीं बोलता। वैसे तो एडम बहुत daring है।

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