Home राजनीति नीतीश बाबू भारतीय राजनीति के सबसे चतुर व घाघ राजनेता

नीतीश बाबू भारतीय राजनीति के सबसे चतुर व घाघ राजनेता

ओम लवानिया

by ओम लवानिया
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नीतीश बाबू भारतीय राजनीति के सबसे चतुर व घाघ राजनेता है, इनका स्टैंड कब क्या रहेगा। कोई नहीं जानता और न जान सकता है।
पिछले दिनों जदयू व भाजपा में ख़ूब तू-तू-मैं-मैं हुई। बिहार में अच्छा सियासी ड्रामा हुआ, नीतीश कुमार ने राज्यसभा व लालटेन पार्टी में जाने जैसी सांकेतिक राजनीति खेली।
मीडिया में ख़बरें प्लांट हुई, जदयू-भाजपा गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं है। क्या नीतीश कुमार लालटेन का साथ थामने वाले है। हाई वॉल्टेज ड्रामा रहा और फिर मामला जातिगत जनगणना पर फिक्स हो गया। जदयू और लालटेन एक स्वर में नजर आए।
पिछले दिनों अग्निवीर योजना के इर्दगिर्द बिहार में हिंसक हुड़दंग व उपद्रव हो रहा है न, इसमें पूरी तरह विपक्ष की थ्योरी है लेकिन सत्ता पक्ष में जदयू की रजामंदी भी शामिल है। तभी तो जदयू ने भाजपा को पुनः इस योजना पर विचार करने का दबाव बनाया जा रहा है।
ट्रैन और रेलवे स्टेशन तोड़े-फोड़े जा रहे है। लेकिन राज्य सरकार के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है क्योंकि सारी संपति केंद्र के अधीन है न, यहाँ हैरानी वाली बात है कि बिहार में भाजपा सत्ता में भागीदार होकर चुप बैठी है।
केंद्र भी सख्त नहीं हो रही है। इन गैर-कानूनी कृत्यों से कोई कार्य नहीं हो सकेगा। सीएए, एनआरसी, कृषि कानून, सबका विरोध करके बात मनवा बैठे है। ऐसे तो कुछ हो नहीं सकता है। किसका इंतज़ार है, हिंसक हुड़दंग में शामिल सभी से कड़ाई से निपटना होगा, ट्रैन की ट्रेन जला दी गई है।
303 सँख्या केंद्र में है।
बिहार में सत्ता में हिस्सेदारी है। फिर काहे चुप है। जितनी संपति जल रही है नेताओं की जेब से कुछ न जा रहा है।
मोदी जी आप इन कृत्यों पर कड़क न रहे तो विकास का कोई फायदा नहीं है जितना विकास होगा, उसे बर्बाद कर दिया जाएगा। राष्ट्रीय संपति की तोड़फोड़ पर आखिरी गुनहगार को सजा मिले और ऐसी सजा मिले। जो आगे उदाहरण पेश करे।
शायद आप सख्त सजा न देकर, अग्निवीर को पुनः वापस ले लेंगे। आग के हवाले ट्रैन को देखकर मन दुखी हो रहा है। कि कैसे अपने पैसों पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी जा रही है।

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