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सुप्रीम कोर्ट को क्यों लेना पड़ा यह फैसला

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सुप्रीम कोर्ट के आज के फैसले ने राह दिखा दी है…
ध्यान रहे कि जहांगीरपुरी की सड़कें किसी के बाप की नहीं बल्कि सरकारी हैं। इसी तरह नीचे जिन सड़कों का उल्लेख कर रहा हूं वह सड़कें भी किसी के बाप की नहीं बल्कि सरकारी ही हैं अतः…
कल से सुप्रीम कोर्ट के चारों तरफ की सड़कों पर मछली बाजार, सब्ज़ी मंडी लग जानी चाहिए। कपिल सिब्बल, दुष्यंत दवे, कांग्रेसी नेता और जज जहां रह रहे हैं। न्यूजचैनलों के दफ्तर जहां हैं। उन इलाकों की सड़कों पर भी कबाड़ी मार्केट तथा पटरी दुकानदारों की बाजार लगनी चाहिए।
इसके बाद MCD को सब्ज़ी मंडी, मछली बाजार, कबाड़ी मार्केट, पटरी दुकानदारों के उन सभी दुकानदारों को कम से कम एक महीने की नोटिस देनी चाहिए। इसके बाद मामला जब सुप्रीम कोर्ट पहुंचेगा तो आज ही की तरह सुप्रीम कोर्ट भी कम से कम 15 दिन तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जरूर देगा।
फिर प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश और गुंडों के तथाकथित किसान आंदोलन सरीखे मामलों की ही भांति सुप्रीम कोर्ट भी महीनों तक सुनवायी नही ही करेगा। तब तक हजारों गरीबों बेरोजगारों को रोजगार का साधन उपलब्ध होगा। दिल्ली भाजपा और MCD के नेताओं में साहस हो तो कर के दिखाएं।

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