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स्व काशीराम ने कहा था

by Nitin Tripathi
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स्व काशीराम ने कहा था पहला चुनाव हारने के लिए दूसरा हराने के लिए और तीसरा जीतने के लिए लड़ना चाहिए।

हाल ही के राज्यों के चुनाव से पूर्व मैंने अनैलिसिस लिखी थी कि इन चुनावों मे आम आदमी पार्टी साइलन्ट हीरो बन कर उभरेगी। पंजाब मे उनकी सरकार बनी। गोवा मे भी खाता खुला और 7% वोट पाए। उत्तराखंड मे धामी ने अंतिम समय काफी कंट्रोल कर लिया, इस लिए उतनी अच्छी पेरफ़ॉर्मेंस नहीं रही, पर वहाँ भी फ़ोर्थ आए। उत्तराखंड / गोवा मे इस बार आम आदमी पार्टी ने चुनाव हारने के लिए लड़ा था, अगली बार काँग्रेस को हराने के लिए लड़ेगी। ध्यान दीजिएगा इस बार गुजरात / हरियाणा भी आप हारने के लिए लड़ेगी, यदि वह 5% वोट पा गए तो समझ जाइए कि अगला चुनाव अच्छा लड़ेंगे।
कहीं भी चुनाव मे जीत के लिए तीन चीजें चाहिए होती हैं। एक चेहरा, दूसरा जीतने की इच्छा और तीसरा रूट लेवल तक का संगठन। निःसंदेह पैसा तो सभी चुनावी दलों के पास होता ही है। कांग्रेस पार्टी की जीतने की इच्छा समाप्त हो चुकी है, संगठन पर वह कार्य कर नहीं रहे, तो ऐसे मे उनके द्वारा खाली किए गए गैप को आम आदमी पार्टी तेजी से भर रही है।
चुनाव हेतु संगठन खड़ा करना अब पहले से काफी आसान हो गया है। अब वह जमाने गए जब संगठन बिल्कुल जमीन पर दसियों साल लड़े सैद्धांतिक लोग ही खड़ा कर पाते थे। नई टेक्नॉलजी, डाटा अनैलिसिस आदि की मदद से यदि किसी को राजनीति की समझ है, जुझारू पना है तो गाँव गाँव बूथ बूथ तक कार्यकर्ता पैदा किए जा सकते हैं। आप मुझे झारखंड आदिवासी इलाके मे भेज दें, मैं वहाँ संगठन तैयार कर दूंगा। चाहिए बस इतना होता है कि टेक्निकल अप्रोच, अंत तक कम्यूनिकेशन, कार्यकर्ताओं को इंगेज रखने की क्षमता (कुछ न हो तो भी किसी न किसी काम मे लगा कर रखो) और राजनैतिक सूझ बूझ।
इस तकनीक को pk ने बिल्कुल पर्फेक्शन से इशतेमाल किया। लव हिम ओर हेट हिम यू cannot इग्नोर हिम। जहां जहां उसे चेहरा मिला, संगठन pk ने तैयार कर दिया और उन पार्टियों ने भाजपा को कड़ी टक्कर दी, कई बार जीते भी। यही कार्य केजरीवाल कर रहा है। संगठन बनाओ, चुनाव हारने के लिए लड़ो। चेहरा मिल जाए तो उस चेहरे को लाइम्लाइट कर दो, अपने आप वोट मिलने लगेंगे। विशेष कर उन राज्यों मे जहां भाजपा सरकार है तो भाजपा संगठन कमजोर पड़ने लगता है। तो संगठन का प्लस point जो भाजपा की मजबूती रहता है, eventually वह आप / pk की मजबूती बन जाता है।
केजरीवाल को आप लाख नापसंद करें बट ही इस नोट गोइंग अवे। दस वर्ष पश्चात भाजपा का मुख्य विपक्ष आप होगी अधिसंख्य राज्यों में।

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