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#ग़जवा_ए_हिंद_वाया_उत्तराखंड

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#कश्मीर, #केरल और अब #उत्तराखंड, जानते हैं क्यों?
जरा गौर से देखिये ऊपर जम्मू-कश्मीर से असम तक।
एक #ग्रीन_बैल्ट बनाया जा रहा है।
इस बैल्ट में पीछे की ओर है चीन।
जी हाँ, सऊदी अरब से फंडिंग बंद हो जाने के बाद भारत के मु स्लिम संस्थानों को चीन द्वारा फंडिंग की जा रही है क्योंकि शक्तिशाली भारत चीन के लिए सदैव एक प्रतिद्वंदी रहेगा।
#चिकन_नेक से लेकर बिहार व उत्तरप्रदेश से होते हुए कश्मीर व लद्दाख तक एक मु स्लिम पट्टी बनाई जा रही है और इनको जोड़ने वाली कड़ी हैं हिमाचल व उत्तराखंड।
आर्म्स एंड इम्यूनेशन सप्लाई के लिए पूरी पट्टी न केवल चीन से प्रत्यक्ष संपर्क उपलब्ध कराएगी बल्कि पहाड़ों के कारण गुरिल्ला युद्ध भी चलाया जा सकेगा।
अगले बीस वर्ष में जब यहाँ मु स्लिम जनसंख्या बढ़ जायेगी तब शुरू होगा ग़जवा ए हिंद।
1) सबसे पहले हिंदू आबादी का जातीय सफाया शुरू किया जायेगा।
2)जब सेना गझवा ए हिंद को कुचलने बैरकों से निकलेगी तब देवबंद बरेलवी उलेमा सारे मु स्लिमों को जेहाद का फतवा देंगे।
3)मु स्लिम आईएएस, आईपीएसस्थानीय मु स्लिम जनसंख्या के माध्यम से पुलिस व्यवस्था को पंगु करेंगे।
4)रेलवे स्टेशनों के मजारों पर बसे सूफी रेल की पटरियों को उखाड़कर सेना के संचालन को कठिन बना देंगे।
5)भारत के हर आर्मी कैंटोनमेंट के पास मौजूद मु स्लिम बस्ती से भीड़ निकलकर आर्मी ऑफिसर्स के परिवारों को बंधक बनाने की कोशिशें करेगी ताकि आर्मी ऑफिसर्स को मजबूर किया जा सके।
6)पंजाब के ख़ालिस्तानवादी भी उसी समय विद्रोह करेंगे जिन्हें सप्लाई देगा पाकिस्तान।
7)अगर जरूरत पड़ी तो चीन सीमा पर सैनिक हलचल तेज कर देगा या छुटपुट आक्रमण भी कर सकता है।
इस तरह भारत में केरल में पूरी तरह और कर्नाटक व तमिलनाडु में आंशिक रूप से भारतीय सेना और पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के बीच युद्ध चल रहा होगा जिसमें पूरी मु स्लिम दुनियाँ से आतंकवादी भाग लेने आ रहे होंगे जबकि हिमालयी सीमांत पर पाकिस्तान, अफगानिस्तान, चेचेन्या से आये हुये आतंकवादी इस गुरिल्ला युद्ध का संचालन कर रहे होंगे।
तराई क्षेत्र में हम थोड़े बहुत बढ़त में होंगे।
राजस्थान व महाराष्ट्र में भी छुटपुट दंगे जरूर होंगे।
केवल गुजरात व मध्यप्रदेश शांत रहेंगे क्योंकि गुजरात में हिंदू जबरदस्त संगठित हैं और मध्यप्रदेश में मु स्लिम संख्या ज्यादा नहीं है।
उन्होंने ये सारी तैयारी पिछले सत्तर वर्ष में अपने दम पर की है लेकिन सबके बीच अपने दिल पर हाथ रखकर बताइये कि मोदी व भाजपा को कोसने के अलावा आपकी तैयारी क्या है?
और आखिर में बस एक सवाल कि जो बात मुझ जैसे सामान्य बुद्धि के व्यक्ति को दिखाई दे रही है वह इन जैसे ज्ञानियों को क्यों नहीं दिखाई देती? हिंदू धर्मगुरू पैदाइशी ही ऐसे होते हैं या कोई विशेष कोर्स करते हैं।
विवेक अग्निहोत्री चाहें तो एडवांस में बना सकते हैं

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