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58 घंटे और अतीक अहमद का साम्रज्य ख़त्म , मीडिया के सामने हुई दोनों भाइयो की हत्या

by Sharad Kumar
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पिछले 58 घंटों के भीतर अतीक, उसका बेटा असद, और भाई अशरफ दुनिया से रुखसत हो चुके हैं। असद और शूटर मोहम्मद गुलाम को गुरुवार दोपहर 12 बजे पुलिस ने झांसी में एनकाउंटर में मार गिराया था। अतीक की पत्नी शाइस्ता फरार है। बहनोई अखलाक और अतीक के दो बेटे जेल में हैं और दो नाबालिग बेटे बाल सुधार गृह में।

 

माफिया अतीक अहमद, उसके परिवार और गैंग ने एक के बाद एक दुस्साहसिक वारदात कर प्रयागराज और उसके आसपास के जिलों में दहशत कायम की। उमेश पाल हत्याकांड को मिलाकर अकेले अतीक अहमद के खिलाफ 43 साल के दौरान 100 से अधिक मामले दर्ज हुए थे। इनमें अतीक के खिलाफ हत्या के 14, गैंगस्टर के 12, गुंडा ऐक्ट के चार, आर्म्स ऐक्ट के आठ मामले थे।

 

मजबूत पैरवी न होने, गवाहों के टूटने और राजनीतिक संरक्षण होने के कारण करीब आधे मामलों में वह छूट गया। वर्तमान में अतीक खिलाफ कोर्ट में 50 आपराधिक मामले विचाराधीन हैं, इनमें से छह हत्या के हैं।

 

अतीक ने 1989, 91, 93 में निर्दलीय और 1996 में सपा के टिकट पर विधायकी का चुनाव जीता। वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर वह फूलपुर से लोकसभा चुनाव जीतकर संसद तक पहुंचा। अतीक के भाई अशरफ पर भी 53 केस थे। वह 2005 में इलाहाबाद पश्चिमी सीट पर हुए उपचुनाव में जीत कर विधानसभा पहुंचा था।

 

उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस रिमांड पर भेजे गए माफिया डॉन से नेता बने अतीक अहमद और अशरफ की हत्या ने प्रदेश में सनसनी मचा दी है। उमेश पाल हत्याकांड के दोनों नामजद आरोपियों से पूछताछ चल रही थी और इसी दौरान हत्याकांड को अंजाम दिया गया। प्रयागराज पुलिस की ओर से धूमनगंज थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया है। इस एफआईआर में उमेश पाल हत्याकांड में नामजद अभियुक्तों के जेल से लाए जाने से लेकर मौत की जानकारी दी गई है। 15 अप्रैल को हुई पूरी घटना का विवरण दिया गया है। प्रयागराज कमिश्नरेट के धूमनगंज थाना के हेड कॉन्स्टेबल राजेश कुमार मौर्य की ओर एफआईआर दर्ज की गई। इस एफआईआर में 15 अप्रैल की घटना का जिक्र करते हुए कहा गया है कि 14 अप्रैल को सही प्रकार से पूछताछ नहीं होने के बाद 15 को दोनों अभियुक्तों से विस्तृत पूछताछ की गई। दोनों अभियुक्तों की निशानदेही पड़े 45 बोर्ड का एक पिस्टल, 32 बोर का एक पिस्टल, 58 जिंदा कारतूस, भिन्न-भिन्न बोर के पांच कारतूस 9 एमएम पाकिस्तानी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री के बरामद किए गए।

 

एफआईआर में कहा गया है कि ये देश में प्रतिबंधित बोर के कारतूस मिले। बरामद पिस्टल और कारतूस उमेश पाल और सहयोगियों की हत्या में प्रयोग में लाए गए थे। इस बरामदगी के बारे में 15 अप्रैल को अभियुक्त अतीक अहमद और अशरफ के खिलाफ धारा 3/25/27/35 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। 15 अप्रैल की शाम दोनों अभियुक्त ने बताया कि उनको काफी घबराहट हो रही है। अभियुक्तों की दशा बिगड़ती देख कर मेडिकल जांच के लिए हाजा थाना के प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मौर्य, उप निरीक्षक विजय सिंह, उप निरीक्षक सौरभ पांडे, उप निरीक्षक सुभाष सिंह, उप निरीक्षक विवेक कुमार सिंह, उप निरीक्षक प्रदीप पांडे, उप निरीक्षक विपिन यादव, उप निरीक्षक शिव प्रसाद वर्मा, हेड कांस्टेबल विजय शंकर और कॉन्स्टेबल सुजीत यादव, गोविंद कुशवाहा, दिनेश कुमार, धनंजय शर्मा, राजेश कुमार, रविंद्र सिंह, संजय कुमार प्रजापति, जयमेश कुमार, हरि मोहन और मान सिंह के साथ बोलेरो वाहन से रात 10:19 बजे अस्पताल भेजा गया। आरक्षी चालक महावीर सिंह गाड़ी चला रहे थे।अतीक अहमद और अरशद को मोतीलाल नेहरू मंडल चिकित्सालय भेजा गया। इस काफिले के साथ एक सरकारी जीप भी गई।

10:35 में अस्पताल पहुंची थी गाड़ी, हुआ कांड

रात 10:35 बजे अतीक और अशरफ को लेकर पुलिस टीम मोतीलाल नेहरू मंडल चिकित्सालय पहुंची। अस्पताल के गेट पर गाड़ी खड़ी करके तमाम पुलिसकर्मी अतीक और अशरफ को लेकर अस्पताल की ओर बढ़े। वाहन चालक महावीर सिंह और सतेंद्र कुमार को वाहनों की सुरक्षा के लिए रखा गया था। हॉस्पिटल गेट से 10-15 कदम आगे बढ़ते ही मीडिया कर्मियों का हुजूम सुरक्षा घेरे में चल रहे अतीक और अशरफ की बाइट और वर्जन लेने के लिए अपने कैमरे और माइक के साथ पहुंच गया। सुरक्षा घेरा को तोड़कर मीडिया कर्मी अतीक और अशरफ के करीब पहुंच गए। मीडिया कर्मियों को देखकर दोनों बाइट देने के लिए रुक गए। इस दौरान पुलिस टीम पीछे से उन्हें आगे बढ़ने को कह रही थी। इसी दौरान मीडिया कर्मियों की भीड़ से दो मीडिया कर्मी अपनी माइक और आईडी को नीचे फेंका। हथियार निकाल कर अतीक और अशरफ को निशाना बनाकर फायरिंग शुरू कर दी। उन लोगों के पास अत्याधुनिक सेमी-ऑटोमेटिक हथियार थे।

गोलीबारी की इसी घटना के दौरान तीसरा मीडियाकर्मी भी अतीक और अशरफ को लक्ष्य करके फायर करना शुरू कर दिया। जब तक कोई कुछ समझ पाता, तब तक मीडिया कर्मियों का रूप धरे हत्यारों ने अतीक और अशरफ को गोली मार दी। हमलावरों की घातक फायरिंग के कारण कॉन्स्टेबल मान सिंह के दाहिने हाथ में गोली लग गई। गोलीबारी के बीच पुलिसकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर ही तीनों हमलावरों को लोडेड हथियारों के साथ पकड़ लिया। हमलावरों को भागने का अवसर नहीं मिला। हमलावरों का एक साथी अपने साथियों के क्रॉस फायरिंग में घायल हुआ।

अस्पताल में डेड घोषित किया गया अतीक

हमलावरों की गोली से गंभीर रूप से घायल अतीक और अशरफ को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। हमलावरों को हाथों में लोडेड हथियारों के साथ पकड़ा गया। पुलिसकर्मियों ने जब तीनों को पकड़ा तो उनके हाथों से लोडेड हथियार छिटक कर गिए। घटनास्थल पर मीडिया के कैमरों में आए हथियार यही थे। फायरिंग के दौरान भगदड़ में कुछ पत्रकार चोटिल भी हुए हैं। घटनास्थल को सेलो टेप से सुरक्षित कराकर फील्ड यूनिट की ओर से फॉरेंसिक जांच कराई गई है। कॉन्स्टेबल मान सिंह को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

तीनों आरोपियों की हुई है पहचान

मौके से पकड़े गए अपराधियों की पहचान हो गई हे। एक ने अपना नाम लवलेश तिवारी पुत्र यज्ञ कुमार तिवारी, निवासी केवतरा क्रॉसिंग, थाना कोतवाली, बांदा उम्र 22 साल बताया है। दूसरे ने अपना नाम मोहित उर्फ सनी, पुत्र स्वर्गीय जगत सिंह, निवासी कुरारा, थाना कुरारा, जिला हमीरपुर उम्र 23 साल बताया है। तीसरे आरोपी ने अपना नाम अरुण कुमार मौर्य, पुत्र दीपक कुमार, निवासी कातर बारी, थाना सोरों, जिला कासगंज उम्र 18 साल बताया है। हत्या के उद्देश्य के बारे में पूछने पर तीनों अभियुक्तों ने कहा कि हम लोग अतीक अहमद गैंग का सफाया करके प्रदेश में अपने नाम की पहचान बनाना चाहते थे। इसका लाभ भविष्य में निश्चित रूप से मिलता। हत्याारों ने कहा कि हम लोग पुलिस के पहरे का अनुमान नहीं लगा पाए और हत्या करके भागने में सफल नहीं हो पाए।

 

पत्रकारों के भेष में रह रहे थे हत्यारे


एफआईआर में अतीक और अरशद के हत्यारों के हवाले से कहा गया है कि पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई के कारण हम लोग पकड़े गए। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को दिए गए बयान में कहा है कि अतीक और अरशद की पुलिस कस्टडी रिमांड की सूचना जब से हमें मिली थी, तब से हम लोग मीडिया कर्मी बनकर यहां के स्थानीय मीडिया कर्मियों के भीड़ में रह रहे थे। दोनों को मारने की फिराक में थे, लेकिन सही समय और मौका नहीं मिल पाया। आज मौका मिला तो हम लोगों ने घटना को अंजाम दे दिया। मौके पर हत्या की घटना के बाद काफी भीड़ इकट्ठा हो गई। इस घटना की सूचना पर पुलिस बल भी भारी संख्या में पहुंची। घटना को मीडिया कर्मियों के अलावा अन्य लोगों ने भी देखा है। अभियुक्त लवलेश को क्रॉस फायरिंग में गोली लगी है। उसका इलाज स्वरूप रानी मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।

 

24 फरवरी 2023: उमेश पाल और दो सुरक्षाकर्मियों की धूमनगंज में हत्या। सीसीटीवी फुटेज से अतीक के बेटे असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर, अरबाज, अरमान और विजय उर्फ उस्मान चौधरी की शिनाख्त हुई

27 फरवरी 2023 : अरबाज मुठभेड़ में मारा गया, साजिशकर्ता वकील सदाकत गिरफ्तार

05 मार्च 2023: अरमान, असद, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबिर पर ढाई-ढाई लाख का इनाम, बाद में इसे बढ़ाकर पांच लाख कर दिया गया

06 मार्च 2023: शूटर उस्मान चौधरी मुठभेड़ में ढेर

12 मार्च 2023: अतीक की पत्नी शाइस्ता की वारदात में भूमिका सामने आई, “25 हजार का इनाम घोषित

28 मार्च 2023: अतीक और उसके करीबी वकील को उमेश पाल अपहरण कांड में उम्रकैद की सजा हुई

– 02 : अतीक का बहनोई अखलाक साजिश में गिरफ्तार

08 अप्रैल 2023: शाइस्ता पर 50 हजार का इनाम, अतीक की बहन आएशा नूरी भी आरोपित बनाई गई

13 अप्रैल 2023: झांसी में अतीक का बेटा असद और शूटर गुलाम पुलिस मुठभेड़ में ढेर

15 अप्रैल 2023 : सुबह असद और गुलाम को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। रात में अतीक व अशरफ की हत्या

 

 

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