Home राजनीति छोटा पैजामा बड़ा कुर्ता गिरोह

हुआ तो हुआ…!!!
“छोटा पैजामा बड़ा कुर्ता गिरोह” की चरणवंदना करते हुए 1988 में देश की तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सलमान रुश्दी की भारत यात्रा पर प्रतिबंध लगा दिया था।

1999 में अटलजी प्रधानमंत्री बने और उस प्रतिबंध को हटा दिया। परिणामस्वरूप 12 वर्ष बाद 2000 में सलमान रश्दी भारत आया था और कांग्रेसभक्त लुटियन गैंग के डिनर में शामिल हुआ था। वहां उसने नेहरू और उसके कबीले कांग्रेस की तारीफ़ में हावड़ा ब्रिज से भी बड़े पुल बांध दिए थे, उनकी जमकर प्रशंसा की थी, लेकिन भाजपा और अटल जी को ‘हिंदू राष्ट्रवादी बताकर उनके खिलाफ खूब जहर उगला था।
2004 के लोकसभा चुनाव में वाजपेयी जी के हारने और सोनिया गांधी/कांग्रेस के सत्ता में आने की खुशी में सलमान रश्दी लंदन की मीडिया में इस कदर नाचा कूदा था कि किन्नर तक शरमा गए।

अंतरराष्ट्रीय अखबारों में उसने बड़े बड़े चिठ्ठे लिख कर ‘हिंदू राष्ट्रवादी बीजेपी’ से भारत की ‘मुक्ति’ का जश्न महीनों तक मनाया, गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री मोदी को भक्षक और कांग्रेस को रक्षक बताता रहा था।

आज आप मित्रों को इसलिए यह याद दिलाया ताकि आप यह ना भूलें कि इनके DNA में ही अहसानफ्ररामोशी, दगाबाजी और मज़हबी कट्टरता शामिल है। इसलिए मैंने कल जब यह खबर सुनी कि सलमान रुश्दी पर चाकुओं से हमला हुआ, तो मेरी प्रतिक्रिया बस इतनी थी कि… हुआ तो हुआ…!!!

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