Home नए लेखकओम लवानिया मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की छवि देखकर मन प्रफुल्लित हो चला

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की छवि देखकर मन प्रफुल्लित हो चला

by ओम लवानिया
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पिछले दिनों 70एमएम के पर्दे पर मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की छवि देखकर मन प्रफुल्लित हो चला था। राम चरन तेजा उस छवि में अति प्रिय नजर आ रहे थे। क्योंकि उन्होंने जो रूप धारण किया था। दिल से था। चेहरे पर तेज और एग्रेशन देखने लायक था। निर्देशक राजमौली ने सनातनी परिवेश बेहतरीन ढंग से उकेरा है।
राम की राम के शेड्स में पहली छवि तो ‘जय श्रीराम’ का उद्घोष करवा जाती है।
अभी ट्रिपल आर नज़दीकी सिनेमाघरों में धमाका कर रही है। देशभक्ति और दोस्ती का अटूट जज्बा बयां कर रही है।
राजमौली, राम चरण तेजा और एनटीआर जूनियर के प्रशसंक पूरे दिल से अपने कलाकारों को समर्थन देने में जुटे हुए है। फ़िल्म ने रिकॉर्डतोड़ कमाई कर डाली है। फ़िल्म का स्क्रीन प्ले और 3डी अनुभव दर्शकों को दीवाना बना ले रहा है।
इधर, प्रभास के फैंस को साहो और राधे श्याम से तगड़ी उम्मीदें थी। दक्षिण भारत में पुरज़ोर कोशिश की थी। ताकि अपने पंसदीदा कलाकार, थलाइवा का बाहुबली इमेज बनी रहे। उसमें इजाफा हो। लेकिन दोनों कंटेंट ने डेंट लगा दिया। इससे डाई हार्ड फैंस निराश है। लेकिन….लेकिन! राम चरन ने उनमें पुनः जोश भर दिया है।
इसलिए ट्विटर पर ‘आदिपुरुष’ ट्रेंड कर रहा है। साथ ही प्रभास का फैनमेड पोस्टर सुर्खियां बटोर रहा है। कि अब प्रभास प्रभु श्रीराम को लेकर आएंगे और इस बार उनका आगमन इतिहास के पन्नों में स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। एक्शन और वीएफएक्स की जुगलबंदी दर्शकों को मोह लेगी। बारंबार दर्शक नज़दीकी सिनेमाघरों का रुख करेंगे। जय श्रीराम के उद्घोष होंगे।
वाक़ई आदिपुरुष से अत्यधिक संभावनाएं और उम्मीदें है। निःसंदेह प्रभास शानदार और तेजस्वी स्वरूप में दिखेंगे। फिर से विराट छवि क्रिएट हो जाएगी। बशर्ते ओम राउत द्वारा वाल्मीकि जी की रामायण को बढ़िया और बेहतर स्क्रीन प्ले दिया जाए। स्क्रिप्ट और स्क्रीन प्ले पर मजबूती से शिकंजा कस लिया जाए न! तो इतिहास खुद चलकर आएगा और स्वयं लिखेगा। कि श्रीराम 70एमएम पर अवतरित हुए है। तो दर्शन लाभ लिया जाए।
और हां…. जिन्हें साउथ के कलाकारों में भालू नजर आता है न! भारतीय नज़दीकी सिनेमाघरों में बैठकर राम को राम में देखें। पूरा माहौल राममय हो जाता है। जय श्रीराम उद्घोष स्वतः ही जुबां से छूट जाता है। बी-टाउन के जिन हीरो को सुपरस्टार बतलाया गया था। उनमें सिर्फ़ गंजेड़ी, नशेड़ी नजर आते है। कई लेयर की परत मेकअप से इनके थोबड़े से नशा मुक्त किया जाता है। फिर भी कुछ तो ऐसे है जो मेकअप को भी चकमा दे जाते है। तभी तो बॉलीवुड के निर्माता और निर्देशक नितेश तिवारी को अपने कंटेंट को चेहरा न मिल पाया है। जो श्री राम को सिल्वर स्क्रीन पर ला सके। तलाश जारी है। साउथ से महेश बाबू बोर्ड पर है। लेकिन कोई चेहरा फाइनल न हुआ है।
कुछ भी हो जो भारतीयता व उसकी संस्कृति के इर्दगिर्द कंटेंट में आएंगे। उन्हें अच्छा सम्मान मिलेगा। बाक़ी कालजयी और डिजास्टर ही रहेंगे।

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