Home राजनीति वर्ष 2020-21 के लिए पंजाब एवं राजस्थान का बजट (रिवाइज्ड या संशोधित) डॉक्यूमेंट देख रहा था।

वर्ष 2020-21 के लिए पंजाब एवं राजस्थान का बजट (रिवाइज्ड या संशोधित) डॉक्यूमेंट देख रहा था।

by अमित सिंघल
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वर्ष 2020-21 के लिए पंजाब एवं राजस्थान का बजट (रिवाइज्ड या संशोधित) डॉक्यूमेंट देख रहा था।

 

पंजाब में वर्ष 2020-21 के दौरान कुल राजस्व (सरकारी आय एवं उधारी) की प्राप्ति 1,42,219 करोड़ रुपये थी। इसमें से सरकारी प्राप्ति 72,052 करोड़ रुपये है। बाकी 70,167 करोड़ रुपये की प्राप्ति सरकारी उधारी से पूरी होती है।
सरकारी व्यय को लेते है। इस प्राप्ति में से वेतन में 26,363 करोड़ रुपये; पेंशन में 13,000 करोड़ रुपये; ब्याज चुकाने पर 18,589 करोड़ रुपये, एवं उधारी का मूल चुकाने पर 39,482 करोड़ घुस गए।
वेतन, पेंशन, मूल एवं ब्याज की देनदारी ही कुल मिलाकर 97,434 करोड़ रुपये है।
अर्थात, टैक्स, फीस, एवं पेनॉल्टी से सरकारी प्राप्ति 72,052 करोड़ रुपये है।
और सरकार चलाने का व्यय है 97,434 करोड़ रुपये।
जानकार लोग बतलायेंगे कि मुझे उधारी की प्राप्ति, एवं मूल एवं ब्याज की देनदारी को अलग रखना चाहिए, जो उचित भी है। लेकिन यह वित्तीय संकट को इंगित करता है।
यही स्थिति राजस्थान की भी है।
राजस्थान में वर्ष 2020-21 के दौरान कुल राजस्व (सरकारी आय एवं उधारी) की प्राप्ति 2,39,653 करोड़ रुपये थी। इसमें से सरकारी प्राप्ति 1,48,391 करोड़ रुपये है। बाकी 91,262 करोड़ रुपये की प्राप्ति सरकारी उधारी से पूरी होती है।
सरकारी व्यय को लेते है। इस प्राप्ति में से वेतन में 53,618 करोड़ रुपये; पेंशन में 22,989 करोड़ रुपये; ब्याज चुकाने पर 25,431 करोड़ रुपये, एवं उधारी का मूल चुकाने पर 41,063 करोड़ घुस गए।
वेतन, पेंशन, मूल एवं ब्याज की देनदारी ही कुल मिलाकर 1,43,101 करोड़ रुपये है।
अर्थात, टैक्स, फीस, एवं पेनॉल्टी से सरकारी प्राप्ति 1,48,391 करोड़ रुपये है।
और सरकार चलाने का व्यय है 1,43,101 करोड़ रुपये।
पता नहीं सरकार पुरानी पेंशन कहाँ से देगी?
अंत में, उत्तर प्रदेश से भी तुलना कर लेते है।
यूपी में वर्ष 2020-21 के दौरान कुल राजस्व (सरकारी आय एवं उधारी) की प्राप्ति 4,00,504 करोड़ रुपये थी। इसमें से सरकारी प्राप्ति 3,09,002 करोड़ रुपये है। बाकी 91,502 करोड़ रुपये की प्राप्ति सरकारी उधारी से पूरी होती है।
सरकारी व्यय को लेते है। इस प्राप्ति में से वेतन में 1,09,914 करोड़ रुपये; पेंशन में 52,464 करोड़ रुपये; ब्याज चुकाने पर 38,379 करोड़ रुपये, एवं उधारी का मूल चुकाने पर 24,897 करोड़ घुस गए।
वेतन, पेंशन, मूल एवं ब्याज की देनदारी ही कुल मिलाकर 2,25,654 करोड़ रुपये है।
अर्थात, टैक्स, फीस, एवं पेनॉल्टी से सरकारी प्राप्ति 3,09,002 करोड़ रुपये है।
और सरकार चलाने का व्यय है 2,25,654 करोड़ रुपये।
उप”योगी” शासन में उत्तर प्रदेश वास्तव में उत्तम प्रदेश बन गया है।

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