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तंत्र-मंत्र के फेर में अपनी ही हत्या करा डाली

जुर्म और हत्या अध्याय 12

by Praarabdh Desk
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तंत्र-मंत्र के फेर में दोबारा जिंदा होने के लिए एक शख्स ने अपनी ही हत्या करा डाली. युवक को विश्वास था कि देवी मां उसे फिर से जिंदा कर देगी और उसे शक्तिशाली बना देगी जिससे वह शक्तियां प्राप्त करेगा. यह मामला उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज का है. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है.  दरअसल, बीते 10 दिसंबर को करछना थाना इलाके के गधीगांव इलाके में हाइवे के किनारे 37 साल के शख्स की सिर कटी लाश मिली थी. लाश मिलने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई. पुलिस ने मुखबिरों का जाल बिछाया तो हत्या की इस अनसुलझी कहानी का पर्दाफाश हुआ. कत्ल की ऐसी दास्तान सुनकर लोग हैरान हैं.

हरिद्वार में हुई थी आशीष और नीतीश की मुलाकात
पुलिस के मुताबिक, आशीष दीक्षित (मृतक) करीब 6 महीने पहले हरिद्वार में गंगा स्नान के दौरान नीतीश सैनी से मिला था. नीतीश एक साधारण परिवार से था और वह अपने अच्छे भविष्य और परिवार के लिए परेशान रहता था.

इसी दौरान आशीष ने पूजा-पाठ और देवी शक्तियों के माध्यम से भविष्य अच्छा कर देने का आश्वासन नीतीश कोदिया. उसकी बातों से नीतीश काफी प्रभावित हुआ. आशीष के पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र को देखकर उसे विश्वास हुआ कि अब भविष्य सुधर जाएगा.

नौकरी तक छोड़ दी

फिर आशीष और नीतीश हरिद्वार में ही एक किराए का कमरा लेकर एक साथ रहने लगे थे. यही नहीं, आशीष ने अपनी प्राइवेट नौकरी भी छोड़ दी थी और पूरा विश्वास हो गया था कि देवी शक्तियों के फलस्वरूप एक दिन उसकी परिस्थितियां अच्छी हो जाएंगी.

8 दिसंबर को प्रयागराज आए

आशीष ही नीतीश के पूरे खर्चे भी उठाता था और हमेशा साथ ही रहता था. कई बार परिवारवाले नाराज हुए और इसका विरोध भी किया. वहीं, नीतीश और आशीष एक साथ हरिद्वार से 8 दिसंबर को प्रयागराज आ गए और मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने पहुंच गए.

‘दोबारा जीवित हो जाऊंगा’

दर्शन करने के बाद आशीष ने नीतीश से कहा, मुझे सिद्धि प्राप्त करनी है, और तुम मुझे मार दोगे तो मुझे सिद्धियां प्राप्त हो जाएंगी और मैं दोबारा जीवित हो जाऊंगा. जीवित होने के बाद दैवीय शक्ति प्राप्त करके तुम्हारा जीवन ही बदल दूंगा. आशीष अपने साथी नीतीश को यूट्यूब पर महाभारत में बर्बरीक और  ऋषि की कहानियां दिखाता था, जिसमें एक व्यक्ति गर्दन कटने के बाद भी देवी शक्ति द्वारा पुनः जीवित हो जाता था.

‘रक्त से कर लेना अभिषेक’

वहीं, आशीष ने नीतीश से कहा, पूजा-पाठ करने के बाद जब मैं लेट जाऊंगा, तब तुम मुझे हिला डुलाकर देखना. यदि मेरे शरीर में कोई हलचल नहीं होगी तो चापड़ (धारदार हथियार) से मेरी गर्दन काटकर मार देना और जो रक्त निकलेगा उसे अपने माथे पर लगाकर अभिषेक करना. मंत्रोचार कर चापड़ और अन्य पूजा की सामग्री को गंगा के किनारे गाड़ देना. इसके बाद तुम प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर पहुंचना. मैं एक घंटे में वहां आ जाऊंगा और अगर मैं वहां नहीं पहुंचा तुम वहां से चले जाना. मैं मां कामाख्या देवी के पास जीवित होकर दर्शन प्राप्त कर तुमसे हरिद्वार में दोबारा मिलूंगा. आशीष ने वैसा ही किया जैसा कि नीतीश ने कहा था. आशीष उसकी गर्दन काटकर हरिद्वार चला गया.

पहले शराब पी और फिर खाई दवा’

पकड़े गए आरोपी आशीष ने पुलिस को बताया कि उस दौरान नीतीश ने पहले शराब पी और कोई दवा खाई. उसके बाद वह अपनी जैकेट और टी-शर्ट खोल कर लेट गया. थोड़ी देर बाद उसके शरीर में कोई हलचल नहीं हुई.

और फिर अलग कर दी गर्दन

नीतीश के शरीर को हिला-डुलाकर देखा और शरीर में कोई हरकत न देखकर आशीष ने चापड़ से उसकी गर्दन शरीर से अलग कर दी. हत्या करने के बाद चापड़ और पूजा की सामग्री को उसने गंगा में प्रवाहित कर दिया और एक घंटे इंतजार करने के बाद नीतीश बताई गई जगह पर नहीं पहुंचा तो आशीष हरिद्वार वापस चला गया

आरोपी को भेजा जेल

पुलिस ने मुखबिरों और सर्विलांस के ज़रिए इस मामले की पड़ताल शुरू की. पुलिस की टीम ने हरिद्वार से आरोपी नीतीश सैनी को गिरफ्तार कर उसे जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया है.

 

“यह सभी अपराध वास्तव में घटित हो चुके है और इनका विवरण विकिपीडिया और अन्य श्रोतो से लिया गया है इन अपराध को करने वाले अपराधियों को सजा दी जा चुकी है और कुछ मामलो में अभी फैसला आना बाकी है और मामला न्यायालय में है आप सब से निवेदन है की इनकी कहानियो को पढ़ कर इनकी प्रेरणा न ले”

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