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कानपुर वाले केस में तथ्य

by Ajit Singh
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1 – क्या वो पंडित जी गरीब व्यक्ति थे….?????
2 अगर गरीब थे तो उनकी खतौनी उनको कुछ एकड़ का मालिक क्यों बता रही…?? या ब्राह्मण थे इसलिए गरीब थे.??
3 जब उस जगह पर बेदखली ( कब्जा हटाने को बेदखली कहा जाता है) का आदेश हुआ तो उस वक्त जांच अधिकारी कौन था ??
तथा किस अधिकारी ने बेदखली का आदेश दिया था.. और कब दिया था..???? और कितना जुर्माना लगाया गया था..?
4 पंडित जी ने किस खाते की भूमि पर कब्जा किया था..?
नवीन परती/खलिहान/ स्कूल/ घास कला/ कुम्हार कला/ गडहा/ पोखरा .???
आखिर किस पर..??
5 – बेदखली की कार्यवाही न्यायालय में चली थी तो पंडित जी को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया होगा..??
आखिर उस वक्त पंडित जी ने क्या जवाब दिया था..??
यह तो माने ही होंगे कि कब्जा किया है…..
6 – अगर कब्जा की भूमि नवीन परती/ बंजर खाते की भूमि थी तो एसडीएम साहब उनका सेटलमेंट कर सकते थे.. सेटलमेंट का अर्थ ये है कि कितनी भूमि आपने कब्जा की है दूसरी जगह आपको उतनी ही जमीन उतनी ही मालियत की छोड़नी पड़ेगी।
लेकिन ऐसा तब होता है जब आपके पास एक मात्र घर हो और वो व्यक्ति वाकई गरीब हो।
8 कभी कभी अधिकारी अवैध कब्जे को तबतक नही हटवाने जाते हैं जब तक हाईकोर्ट का आदेश न हो. क्योंकि झगड़ा विवाद न हो इसलिए भी अधिकारी बचते हैं.. उस केस में विपक्ष हाईकोर्ट पहुंचता है और कोर्ट का डायरेक्शन ले आता है कि अगर बेदखली का आदेश हुआ है तो उसका पालन करके हमको इतने दिन के भीतर रिपोर्ट करें..!
9 पुलिस बल/ कानूनगो/ लेखपाल अगर वहां बेदखली करवाने गए तब तो वो किसी मजिस्ट्रेट के ऑर्डर पर गए थे और उनकी मौजूदगी में गए होंगे..!
छोटा अधिकार न जाय तो भी जाए अगर जाए तो भी जाए…!
10 – जिसको ये लगता है कि एक घर गिराने पर इतना नुकसान हो सकता है तो अयोध्या में राम पथ के लिए इतनी दुकानें जमींदोज हुई है वो आखिर क्यों हुई.??
या तो रास्ते की जमीन पर निर्माण था.. ??
अगर रास्ते पर निर्माण नही था तो सरकार मुआवजा देगी..
फिर तो सबको आत्मदाह करना चाहिए…….
11 – अगर आपको लगता है कि पहले सबका कब्जा हटवाया जाता तो फिर पंडित जी का हटाया जाता तो आप एक गलत व्यक्ति का बचाव कर रहे हैं और आप कह रहे हैं कि पहले संसार से सारे गलत काम बन्द करवाए फिर पंडित जी के पास आइए..
क्या आपको लगता है ये सही है..???
12 – अगर आपके पास खेत है तो उसके आस पास चकरोड जरूर होगा। और वो चकरोड़ पटानही है, जमीन छोड़ी नही गई है तो जाहिर सी बात है आपने चकरोड जोता है अर्थात अवैध कब्जा किया है..??
तो फिर तो आपके ऊपर भी बेदखली होनी चाहिए????
13 – अगर आत्मदाह करना ही अवैध कब्जे के प्रति एक सॉल्यूशन है तो अब बताइए कि पंडित जी को वह जमीन मिल जायेगी तो उनके लिए न्याय होगा..?? एक करोड़ रुपए से न्याय होगा..??
14 एक आखिरी तथ्य ! पहले गांव वहीं वहीं बसे जहां पर आस पास गड्ढे थे, पोखरे थे., अगर नही थे तो खोदे गए.. क्योंकि उनके लिए जल का प्राकृतिक जल ही था। कुंए में जानवर नही नहाते थे, खेत नही सींचा जाता था। आज तो कुएं भी पटे हुए मिलते हैं..
जब आबादी बढ़ी तो लोग गड्ढे पोखरे पर कब्जा करते गए, खलिहान का भी यही हाल है..आज के समय में में गड्ढों का कोई औचित्य रहा नही। अब या तो बगल वाला कब्जा करेगा या फिर आप….
तो कौन पीछे रहे लेकिन जब कार्यवाही होती है तो दिक्कत होती है… आज एक बहुत बड़ी आबादी गड्ढों पोखरों और खलिहान पर कब्जा करके बैठी है….!
15 – अगर पुलिस वालों की गलती है तो एक बात बताओ कि अगर कोई किसी जगह झगड़ा कर ले तो ये किसकी कमी है। किसी की नैतिकता की हार को आप दूसरे के ऊपर मत थोप कर उसको सेफ कर देंगे..?
16 – आपका चलान हुआ तो आप पुलिस से कहेंगे कि पहले उनका चलान दिखाओ जो बिना हेलमेट कागज घूम रहे हैं…?? यह किस तरह का जवाब है..??
पंडित जी के साथ वो हुआ है जो किसी के साथ न हो, ईश्वर दुश्मन को भी ऐसा वक्त न दें….
अब अगर पंडित जी सच में दोषी नही हैं तो आप पहले इन बातों का जवाब ठंडे दिमाग से खोजिए………
प्वाइंट वाइज जवाब दीजिए.. क्योंकि एक पक्ष पर तो कारवाही हो ही गई है ……..! लेकिन ये कारवाही पंडित जी को बचा लेगी..??
लेखक एक भूराजस्व अधिकारी हैं ……

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