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योगी सरकार 2.0 का विधानसभा बजट : लाख रोकें ये अंधेरे मेरा रास्ता लेकिन…

by Praarabdh Desk
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लाख रोकें ये अंधेरे मेरा रास्ता लेकिन…मैं जिधर जाऊंगा रोशनी ले जाऊंगा

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण के दौरान कविताओं और शायरी के जरिये नेता प्रतिपक्ष अखिलेश यादव पर तंज भी कसे। वहीं बजट की तस्वीर भी पेश करने का प्रयास किया। अपने चिरपरिचित अंदाज में खन्ना ने सामने बैठे नेता प्रतिपक्ष को देखते हुए शायरी और कविताएं पढ़ी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुद को हंसी का ठहाका लगाने से नहीं रोक सके। योगी ने हर शायरी और कविता के बाद मेज थपथपाते हुए ठहाका लगाया। खन्ना ने होली से पहले पेश हो रहे बजट को प्रदेश की जनता के लिए सौगात बताते हुए कहा, योगी जी का बजट बना है यूपी की खुशहाली को, यह अद्भुत रंगीन करेगा आने वाली होली को। प्रदेश सरकार का सबसे मजबूत हथियार बनी प्रदेश की सुधरी कानून व्यवस्था और औद्योगिक विकास पर आधारित कविता से विपक्ष पर तंज कसा।

सुधर गई है कानून व्यवस्था। उद्योगों की अलख जगी। यूपी बना ग्रोथ का इंजन। यह सब पहली दफा समझ। फकत किनारे बैठे बैठे। लहरों से मत सवाल कर। डूब के खुद गहरे पानी में। पानी का फलसफा समझ।

खन्ना ने श्रम विभाग और खेती किसानों से जुड़ी घोषणाएं पेश करने से पहले कविता पेश करते हुए कहा…
श्रम के जल से राह सदा सिंचती है। गति मशाल आंधी में ही हंसती है। छालों से ही श्रृंगार पथिक का  होता है। वो विपरीत परिस्थितियों में चलने का आदी है। मंजिल की मांग लहू से ही सजती है।

खन्ना ने कोरोना काल में यूपी की चिकित्सा व्यवस्था और चिकित्सा शिक्षा का बजट प्रस्तुत करते हुए विपक्ष पर शायरी के साथ तंज कसा।
मंजिले लाख कठिन आएं तो गुजर जाऊंगा। हौंसले हार के बैठूंगा तो मर जाऊंगा। लाख रोकें ये अंधेरे मेरा रास्ता लेकिन। मैं जिधर जाऊंगा रोशनी ले जाऊंगा।

वित्त मंत्री ने बीते छह वर्ष में नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में हुई तरक्की की उपलब्धि बताते हुए फिर विपक्ष पर तंज कसा।
हमारे पंखों पर कौन विराम लगा सकता है। जब हमें नियति से उड़ने का वरदान मिला।

वित्त मंत्री ने ऊर्जा विभाग की उपलब्धियां और बजट पेश करने और अतिरिक्त उर्जा विभाग की योजनाएं पेश करते हुए कहा…
इस चमन को कभी सहरा नहीं होने दूंगा। मर मिटूंगा मगर ऐसा नहीं होने दूंगा। जब तलक भी मेरी पलकों पे दिए हैं रोशन। अपनी नगरी में, अंधेरा नहीं होने दूंगा।

खन्ना ने संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की घोषणाओं के जरिये राष्ट्रवाद के एजेंडे को धार देने वाली घोषणा करते हुए कविता पेश की…
मैं पंछी तूफानों से राह बनाता। मेरा राजनीति से केवल इतना नाता। तुम मुझे रोकते हो अवरोध बिछाकर। मैं उसे हटाकर आगे बढ़ते जाता।

खन्ना ने बजट के अंत में कहा कि मोदी और योगी की सर्वसमावेशी और त्वरित विकास की रणनीति पर आधारित विकास यात्रा ने विरोधियों के स्वर को धीमा कर दिया है। इस बात का द्योतक है, हमारी कार्यप्रणाली ने सभी को प्रभावित किया है। बजट में लिखित अंतिम शेर के जरिये विपक्ष पर कटाक्ष किया।
हमने तो समंदर के रूख बदले हैं। मोदी-योगी ने सोचने के सलीके बदले हैं। आप कहते थे कुछ नहीं होगा। हमने आपके भी सोचने के तरीके बदले हैं।

वित्त मंत्री ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘‘सैनानी करो प्रयाण अभय, भावी इतिहास तुम्हारा है, ये नखत अमा के बुझते हैं सारा आकाश तुम्हारा है’’ कविता के साथ बजट भाषण समाप्त किया।

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल का दूसरा आम बजट प्रस्तुत किया. इसमें आयुष्मान योजना यानी प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के साथ गांवों में अस्पताल और चिकित्सा सुविधा को बेहतर बनाने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन पर विशेष ध्यान दिया गया है.

उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने शायराना अंदाज में विधानसभा में योगी सरकार का बजट पेश करते हुए कहा, “योगी जी का बजट बना है, यूपी की खुशहाली का. ये अद्भुत रंगीन करेगा, आने वाली होली को.” वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने हेल्थ सेक्टर को लेकर कई बड़े ऐलान किए. उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अन्तर्गत विभिन्न कार्यक्रमों के संचालन हेतु 12,631 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.

 

बजट पेशी के दौरान वित्त मंत्री की खास बातें 

  1. प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना हेतु 1,655 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
  2. प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर मिशन योजना के अन्तर्गत प्रदेश में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में हेल्थ वेलनेस सेन्टर क्रिटिकल केयर यूनिट जनपदों में इन्टीग्रेटेड पब्लिक हेल्थ लैब की स्थापना,
  3. नेशनल सेन्टर फॉर डिजीजेज कन्ट्रोल को मजबूत बनाना, हेल्थ इन्फारमेशन के विस्तार के लिये पोर्टल की स्थापना तथा इमर्जेन्सी ऑपरेशन सेन्टर एवं मोबाइल यूनिट हॉस्टिल की स्थापना आदि कार्यों हेतु 1,547 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
  4. वित्त मंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का संचालन सम्पूर्ण प्रदेश में दिनांक 23 सितंबर 2018 से किया जा रहा है. योजना के अन्तर्गत 2.34 करोड़ से अधिक लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं. लाभार्थी परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा सूचीबद्ध राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों के माध्यम से प्रदान की जा रही है. योजना हेतु 400 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है.
  5. ग्रामीण इलाकों में रूरल सब हेल्थ सेन्टर्स एंड पीएचसी टू हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के लिए 407 करोड़ रुपये का व्यय
  6. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना हेतु 320 करोड़ रुपये की बजट व्यवस्था प्रस्तावित
  7. आयुष्मान भारत मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के लिए 250 करोड़ रुपये की व्यवस्था
  8. सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिये उपकरणों के क्रय हेतु 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था
  9. प्राथमिक/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹15 करोड़ रुपये की व्यवस्था

बजट एक नजर में 
बजट का आकारः 6,90,242.43 करोड़ रुपए
नई योजनाओं पर खर्चः 32,721.96 करोड़ रुपए
कुल प्राप्तियां – 6,83,292.74 करोड़ रुपए
राजस्व प्राप्तियां – 5,70,865.66 करोड़ रुपए
पूंजीगत प्राप्तियां – 1,12,427.08 करोड़ रुपए
कर राजस्वः 4,45,871.59 करोड़ रुपए
राज्य कर राजस्वः 2,62,634 करोड़ रुपए
केंद्रीय करों में राज्य का अंशः 1,83,237.59 करोड़ रुपए
कुल व्यय (अनुमानित)- 6,90,242.43 करोड़ रुपए
राजस्व बचतः 68,511.65 करोड़ रुपए
राजकोषीय घाटाः 84,883.16 करोड़ रुपए

 

 

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