Home राजनीति मैं योगी आदित्यनाथ ईश्वर की शपथ लेता हूँ भाग 2

मैं योगी आदित्यनाथ ईश्वर की शपथ लेता हूँ भाग 2

by Sharad Kumar
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मैं योगी आदित्यनाथ ईश्वर की शपथ लेता हूँ भाग 2

योगी आदित्यनाथ का BJP से रिश्ता बहुत पुराना रहा है पूर्वी उत्तर प्रदेश में अपना वर्चस्व बनाये रखने के कारण योगी आदित्यनाथ का सम्बन्ध बीजेपी से गहरा हो जाता है दूसरी तरफ पूर्वाधिकारी तथा गोरखनाथ मठ के पूर्व महन्त, महन्त अवैद्यनाथ भी भारतीय जनता पार्टी से 1991 तथा 1996 का लोकसभा चुनाव जीत चुके हैं। जो की योगी आदित्यनाथ के रिश्ते में चाचा लगते है अपने जीवन काल में आदित्यनाथ विवादों से भी घिरे रहे हुआ कुछ यूँ की 7 सितम्बर 2008 को योगी आदित्यनाथ पर आजमगढ़ में जानलेवा हिंसक हमला हुआ था।

 

 

 

इस हमले में वे बाल-बाल बचे। यह हमला इतना बड़ा था कि सौ से भी अधिक वाहनों को हमलावरों ने घेर लिया और लोगों को लहूलुहान कर दिया। आदित्यनाथ को गोरखपुर दंगों के दौरान तब गिरफ्तार किया गया जब मुस्लिम त्यौहार मोहर्रम के दौरान फायरिंग में एक हिन्दू युवा की जान चली गयी। उस वक़्त राज्य में मुलायम सिंह यादव सपा की सरकार विद्यमान थी जिलाधिकारी ने बताया कि वह बुरी तरह जख्मी है।

 

 

तब अधिकारियों ने योगी को उस जगह जाने से मना कर दिया परन्तु आदित्यनाथ उस जगह पर जाने को अड़ गए। तब उन्होंने शहर में लगे कर्फ्यू को हटाने की मांग की। अगले दिन उन्होंने शहर के मध्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन करने की घोषणा की लेकिन जिलाधिकारी ने इसकी अनुमति देने से मना कर दिया। आदित्यनाथ ने भी इसकी चिंता नहीं की और हजारों समर्थकों के साथ अपनी गिरफ़्तारी दी। आदित्यनाथ को सीआरपीसी की धारा 151A, 146, 147, 279, 506 के तहत जेल भेज दिया गया।

उनपर कार्यवाही का असर हुआ कि मुंबई-गोरखपुर गोदान एक्सप्रेस के कुछ डिब्बे फूंक दिए गए, जिसका आरोप उनके संगठन हिन्दू युवा वाहिनी पर लगा। यह दंगे पूर्वी उत्तर प्रदेश के छह जिलों और तीन मंडलों में भी फैल गए।उनकी गिरफ़्तारी के अगले दिन जिलाधिकारी हरि ओम और पुलिस प्रमुख राजा श्रीवास्तव का तबादला हो गया। कथित रूप से आदित्यनाथ के ही दबाव के कारण मुलायम सिंह यादव की उत्तर प्रदेश सरकार को यह कार्यवाही करनी पड़ी।योगी धर्मांतरण के खिलाफ और घर वापसी के लिए काफी चर्चा में रहे। 2005 में योगी आदित्यनाथ ने कथित तौर पर 1800 ईसाइयों का शुद्धीकरण कर हिन्दू धर्म में शामिल कराया। ईसाइयों के इस शुद्धीकरण का काम उत्तर प्रदेश के एटा जिले में किया गया था

2017 से 2022 तक योगी आदित्यनाथ का मुख्यमंत्री के रूप में राजनितिक सफर कुछ ज्यादा अच्छा नहीं था इसके कई कारण रहे जैसे दो साल तक कोरोना काल में सम्पूर्ण देश में महामारी की स्थति थी उस वक़्त उत्तर प्रदेश को सँभालने का काम योगी आदित्यनाथ ने बखूबी किया इसी दौरान कानपुर वाले विकास दुबे का एनकाउंटर , फ्री राशन वितरण , अयोध्या में राम मंदिर (बाबरी मस्जिद विवाद ) निर्माण , राज्य में गुंडा राज समाप्त करना इत्यादि एक बड़ी उपलब्धि योगी सरकार की थी कुछ मामलो में योगी सरकार पूर्णतया विफल भी रही

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