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पिएगा तो मरेगा

व्यालोक स्वामी

by Swami Vyalok
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पिएगा तो मरेगा, लेकिन तुम और तुम्हारा प्रशासन चुल्लू भर पानी में क्यों नहीं डूब मरता, तुगलक कुमार?
भारत एक कमाल का देश है और बिहार वह प्रदेश जहां सभ्यता का अंतिम सोपान है। पूरी जहालत और भयंकर इनर्शिया का प्रदेश। मुझे कुछ साल पहले तक यह मुगालता था कि बिहार का भी कुछ हो सकता है, लेकिन अब नहीं। Bihar is destined to be doomed..
मोतिहारी में करीबन 50 लोग शराब पीकर मर गए, न जाने कितने अस्पतालों में और घरों में तड़प रहे हैं। बिना पोस्टमॉर्टम के लाशें जला दी गयीं, कह दिया गया कि डायरिया से मर रहे हैं। यह एक ऐसे राज्य में हो रहा है, जहां पांच साल से शराबबंदी है।
इससे पहले सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, गोपालगंज..न जाने कितनी जगहें। लगभग हजारों मौतें, लाखों लोग जेल में, कितने परिवारों की जिंदगियां तबाह…लेकिन ये तुगलक कुमार खीसें निपोर कर पीएम बनने के ख्वाब देख रहा है। हालांकि, मरे वे लोग नहीं, मर बिहार गया है..जहां का सीएम विधानसभा में दहाड़ कर बोलता है- पिएगा तो मरेगा।
उस तुगलक की हलक में हाथ डाल कोई यह बोलनेवाला नहीं है कि ‘हे तुगलक…। पिएगा तो मरेगा ठीक। लेकिन, हर जगह जो शराब मिल रही है, 25 हजार करोड़ का जो काला धन का साम्राज्य इकट्ठा हुआ है, वह क्या तुम्हारी जिम्मेदारी नहीं है…..स्कूली बच्चे जो तस्कर बने हैं, पुलिस थानों से जो चूहे शराब पी रहे हैं, उसकी जिम्मेदारी क्या तुम्हारे बुलंद निजाम की नहीं है? और तुम बेशर्मी से खीसें निपोर रहे हो…’
ऊपर से बिहार का मीडिया। अव्वल तो घनघोर चुप्पी। ऊपर से कोई बोलेगा तो यूपी के निजाम पर बोलेगा। तुगलक कुमार अपने भतीजे फेलस्वी के साथ दांत निपोर कर कह रहे हैं, ‘देश का संविधान खतरे में हैं. हम बचाएंगे और बिहार फिर से उसी फेलस्वी के हवाले करेंगे जिसके बाप ने बिहार को जंगलराज की सौगात दी थी…’। ऊपर से बिहार में कहीं कोई शोर नहीं, कहीं कोई आंदोलन नहीं, कहीं लोग सड़कों पर नहीं….ये कैसा प्रदेश है?
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वैसे, यूपी से याद आया। कल अतीक अहमद की सरेशाम पुलिस कस्टडी में, पूरे मीडिया ग्लेयर में हत्या कर दी गयी। यह निश्चित तौर पर योगी के प्रशासनिक जमाल पर सवाल है। इसके बाद अब तक आयरन हैंड से पूरे राज्य को हांकने वाले योगी की कार्यक्षमता पर सवाल तो उठेंगे ही….
और, वे उठने भी लगे हैं। भक्तजनों की बात छोड़िए, चूतियों की बात बिल्कुल जाने दीजिए, लेकिन जो योगी के उस तरह के फैन हैं, जैसे तुगलक के 2005-2010 वाले सुशासन कुमार वाले स्वरूप से….वे जरूर इस कांड से दुखी होंगे और यह पहला कदम है योगी की इमारत खिसकने का…अगर नहीं संभले तो अगले तुगलक भी बन सकते हैं….

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