Home लेखक और लेखसतीश चंद्र मिश्रा हत्यारों और हरामजादों का साथ, विश्वास और विकास चाहने का नहीं,

हत्यारों और हरामजादों का साथ, विश्वास और विकास चाहने का नहीं,

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हत्यारों और हरामजादों का साथ, विश्वास और विकास चाहने का नहीं, बल्कि उनका सर्वनाश करने का समय आ गया है।
देश का शासन अब “भय बिन होय ना प्रीत” के सिद्धांतानुसार ही चलाने का समय आ गया है।
आदमखोर जिहादी जानवरों को उनके अंजाम तक पहुंचाना ही होगा।

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