Home अमित सिंघल खाने में स्वाद लाने के लिए किया जाता है Lard और Tallow का उपयोग

खाने में स्वाद लाने के लिए किया जाता है Lard और Tallow का उपयोग

by अमित सिंघल
332 views

खाने में स्वाद लाने के लिए किया जाता है Lard और Tallow का उपयोग

Lard

लार्ड एक अर्ध-ठोस सफेद वसा वाला उत्पाद है जो सुअर के वसायुक्त ऊतक को प्रतिपादित करके प्राप्त किया जाता है। यह लोंगो से अलग है, एक समान उत्पाद जो मवेशियों या भेड़ की चर्बी से प्राप्त होता है। लार्ड को भाप देकर, उबालकर या सूखी गर्मी से बनाया जा सकता है।

Tallow

बकरे या बीफ की चर्बी से निर्मित वसा tallow fat कही जाती है

मेरे घर में कच्ची घानी से निकाले गए सरसो, भुना तिल, मूंगफली, नारियल के तेल या फिर देशी घी में भोजन बनता है। रिफाइंड तेल में केवल पूड़ी-कचौड़ी-भठूरे बनते है; अतः एक लीटर की शीशी दो महीने से अधिक चल जाती है। यहाँ तक की मैंने तेल पेराई की मशीन खरीद रखी है। लेकिन सरसो के तेल से झड़प नहीं आती, जबकि मैं भारत में उगाई मूल सरसो (non-GMO) का प्रयोग करता हूँ।
गुड़ से बनी खांड का मिठास के लिए प्रयोग होता है; अगर खांड ना मिली, तो ब्राउन शुगर (Muscovado) से काम चलाते है। मुझे किसी भी रेडी-मेड खाद्य पदार्थ को खरीदते समय उसकी सामग्री को पढ़ने की आदत है।
विकसित देशो में ब्रेड, बिस्कुट, तेल, मक्खन, जूस, चीनी, टमाटर सॉस, चिप्स इत्यादि के पैकेट पे उन उत्पादों में प्रयोग हुई सामग्री का विवरण लिखा होता है। यूरोप में निवास के दौरान मुझे ऐसे सुपरमार्केट से खरीदारी में समय लग जाता था। एक-एक सामग्री को पढ़ने से पता चल जाता था कि उत्पाद को कितना प्रोसेस या प्रसंस्कृत किया गया है।
प्रसंस्कृत भोजन से अर्थ है वह रेडी-मेड खाद्य पदार्थ जो इस तरह से “पकाया” गया है जिससे वह कई सप्ताह, महीने या वर्ष तक खराब ना हो। इन पदार्थो को खराब होने से बचाने के लिए इसमें जमकर नमक, चीनी, तेल एवं रसायन डाला जाता है। भारत में बिकने वाली, प्लास्टिक या शीशी में पैक, ब्रेड, चिप्स, टमाटर सॉस, रिफाइंड तेल, बिस्कुट, नमकीन, केक, नूडल, अचार इत्यादि ऐसे भोजन के प्रमुख उदहारण है।
कई बार कंपनी रसायनो का नाम नहीं बताना चाहती, तो पैकेट पे permitted food preservatives and colours (स्वीकृत खाद्य संरक्षक एवं रंग) लिखकर उपभोक्ताओं को अंधकार में रखा जाता है। या फिर ऐसे रसायनों के नाम लिखे जाएंगे जो किसी की समझ में नहीं आएंगे। यहाँ तक कि मक्खन में भी रंग एवं रसायन मिला दिया जाता है। मैं घर में इन पदार्थों को लाकर इंटरनेट से हर ऐसे रसायन के बारे में जानकारी लेता था। परिणाम यह हुआ कि अब गिनती के कुछ ही प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ घर में रहते है, जैसे कि रिफाइंड आयल, पापड़, माखन, जापानी नूडल, चाय की पत्ती इत्यादि।
यहाँ पर जोर देना चाहूंगा कि घर या नुक्कड़ के हलवाई के यहाँ बनने वाली मठरी, मिठाई, अचार, पापड़ इत्यादि को फैक्ट्री में बनने वाले प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थ की श्रेणी में नहीं रख सकते। इन घरेलु भोजन का जीवन तेज धूप, चीनी, नमक, तेल डालकर बढ़ाया जाता है। हमारे पूर्वज जब बैलगाड़ी में बैठकर व्यापार के लिए हफ्तों घर से बाहर निकलते थे, तो राह में यही भोजन उनका सहारा होता था क्योकि उस समय सड़क किनारे ढाबे नहीं होते थे।
पैकेट पे उन उत्पादों में प्रयोग हुई सामग्री को पढ़ने का परिणाम यह हुआ कि मैंने पाया फ्रांस एवं इटली के सुपरमार्केट में बिक रही ब्रेड-बिस्कुट की सामग्री में लार्ड मिला था।
यूरोप के कई रेस्टोरेंट में भोजन, विशेषकर चिप्स को स्वादिष्ट बनाने के लिए आलू को तलते समय उस तेल में लार्ड मिला देते है। विदेशी लोग समझ नहीं पाते कि एक शाकाहारी के लिए लार्ड में बनी तरकारी शाकाहारी नहीं है। उन्हें लगता है कि केवल मीट वाला भोजन ही मांसाहारी है। वे मछली, लार्ड, अंडे इत्यादि को शाकाहारी मानते है।

Related Articles

Leave a Comment