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कपड़ो से किसी की पहचान नहीं होती

by गंगा महतो
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हुबली,कर्नाटक के एक किसान केम्पेगौडा भाई तुमकुर स्थित महिंद्रा के एक शोरूम में गए। इनकी ड्रीम कार महिंद्रा बोलेरो थी। सो इसको खरीदने गए थे। सेल्समैन ने तो पहले इनके कपड़े देख कर मजाक उड़ाया। फिर भी केम्पेगौडा जी ने बोलेरो के बारे में इंक्वायरी की। साथ में दो लाख रुपये ले कर गए थे। इन्होंने डाउन पेमेंट कर के बोलेरो खरीदने की इच्छा जाहिर की। तो सेल्समैन ने मना कर दिया। तो केम्पेगौडा जी ने 10 लाख कैश पेमेंट कर के गाड़ी खरीदने की बात कही। तो सभी सेल्समैन हँसने लगे और मजाक उड़ाने लगे। उन्होंने कहा कि तुम्हारे पैकेट में 10 रुपया नहीं होगा और 10 लाख की बात करते हो ?? कमऑन मेन।
फिर कहा कि अगर तुम 30 मिनट के अंदर 10 लाख रुपये ले आते हो तो आज के आज ही गाड़ी की डिलेवरी हो जाएगी।पक्का।
केम्पेगौडा जी सुपारी,जैस्मिन और क्रोसेन्द्रा की खेती करते है। इन्होंने तुरंत अपने मित्रों को फोन किया और बोला कि दस लाख रुपया लेकर इस शोरूम में तुरंत पहुँचो। इनके दोस्त आधे घंटे के अंदर ही पैसे लेकर हाजिर हो गए।
अब गाड़ी की डिलेवरी करो फटाफट।…. शोरूम वालों के होश ठिकाने आ गए। लगे अलर-बलर करने। बोलने लगे कि अभी नहीं हो सकता क्योंकि वेटिंग लिस्ट लंबी है।आपको कम से कम तीन दिन इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि सटरडे,संडे को सरकारी छुट्टी है।
अब केम्पेगौडा जी को आ गया गुस्सा… इन्होंने हंगामा खड़ा दिया.. कि साले किसी के कपड़े देख कर उसकी औकात नापते हो क्या ??? अब मैं बिना गाड़ी लिए इधर से जाऊंगा नहीं … जब गाड़ी देना ही नहीं था तो क़ाय को औकात नाप रहा था बे हमारी ??
इन्होंने फिर पुलिस को बुलाया और कम्प्लेंट दर्ज करने को कहा…कि इन्होंने हमको अपमानित किया मेरा मजाक उड़ाया,मेरे प्रोफेशन का मजाक उड़ाया इसको ऐसे कैसे छोड़ दें ??? ये लिखित रूप से हमसे माफी मांगे। और अगर ये माफ़ी नहीं मांगते हैं तो इसके शोरूम के बाहर हम धरने पे बैठेंगे ताकि ये किसी के कपड़े देख कर उसकी औकात न नापे।

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