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फ़ेसबुक का प्रेमी समाज मुझसे असुरक्षित महसूस करता है।

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फ़ेसबुक का प्रेमी समाज मुझसे असुरक्षित महसूस करता है। एक महिला मित्र हैं,जो काफी समय से जुड़ी हैं। उनका प्रेमी भी मुझसे असुरक्षित महसूस करता है। महिला मित्र पर दबाव डाल कर वो मुझे अमित्र करवा देता है। महिला मित्र बाकायदा इनबॉक्स में सूचना देकर जाती है कि व्यक्तिगत कारणों से आपको अमित्र कर रही हूँ।
फिर जब दोनों के बीच झगड़ा या ब्रेकअप टाईप कुछ हो जाता है तो वो फिर मुझे रिक्वेस्ट भेज देती हैं। ऐसा लगभग आधा दर्जन बार हो चुका है। आज फिर उन महिला मित्र का रिक्वेस्ट आया है, मैंने हाथों हाथ लपक लिया। इस पटल पर ऐसी कई महिला मित्रों से उनके ब्रेकअप के बाद प्रगाढ़ दोस्ती हुई, जिनके प्रेमी रिश्ते में रहते हुए मुझसे जुड़ने को मना करते थे। ऐसी ही एक दुर्लभ घटना बचपन मे हुई थी मेरे साथ।
टेपरिकॉर्डर और वीसीआर का दौर समाप्त हो चुका था और उसकी जगह सीडी प्लेयर ने ले ली थी। उस वक्त कई बेरोजगार युवाओं ने सीडी कैसेट की दुकानें खोल ली थी। उनमें से एक हमारा मित्र भी था। असली नाम नही याद, लेकिन वो नियम से परमट स्थित शिव मंदिर जाता था, तो हम सब मित्र उसे बाबा कहते थे। कॉलेज छूटने के बाद शाम की बैठक बाबा की दुकान पर ही होती थी।
बाबा की दुकान में दो बहनें हर दूसरे दिन किराए पर एमपी3 सीडी कैसेट लेने आती थी। बड़ी वाली पर दिल आ गया। लेकिन बाबा का दिल भी बड़ी वाली पर अटका था। पहली चाल चलते हुए, छोटी वाली के प्रेमी से मित्रता कर के उनके घर तक पहुँचने का जुगाड़ लगा लिया। एक दिन शाम को चाय पीने पहुँच गए। चाय पीते हुए पहला तीर चलाया और उनसे कहा कि आप लोग सीडी लेने बाबा की दुकान पर न जाया करो, आप बस गानों की फरमाइश बता दिया करो, सीडी आप तक पहुँच जाएगी।
बड़ी वाली बहन ने कहा हमे भी जाना अच्छा नहीं लगता, वो बाबा बहुत गन्दी नज़र से देखता है। अब अंधा क्या चाहें, दो आँखें? बाबा की दुकान से उनकी मनपसंद सीडी लेते, और घर पहुंच जाते। फिर चाय के साथ घण्टों बाबा की बुराई हम चारो लोग मिलकर करते। फिर एक दिन आसमान से बिजली गिरी। कॉलेज से घर आते समय देखा कि बड़ी वाली बाबा के साथ, हाथों में हाथ थामे कोई मूवी देख कर दीप टॉकीज से बाहर निकल रही थी।
काटो तो खून नहीं। छन से जो टूटा कोई सपना टाईप हाल हो गया। महीनों तक सदमे का माहौल रहा। आंतरिक सीबीआई जाँच में सामने आया कि ये जो हम लोग घण्टों के हिसाब से बाबा की बुराई करते थे, इस बात ने उस लड़की के मन मे बाबा के प्रति आकर्षण जगा दिया था। जब हम मैटर की बात करें, तो हमें ध्यान रखना चाहिए कि एंटी मैटर भी होता है। वैसे ही ऑर्गेज़म के अलावा निगेटिव या एंटी ऑर्गेज़्म भी होता है।
इसलिए जब आप किसी लड़की के साथ प्रेम सम्बंध में हो तो उस पर किसी को ब्लॉक या अन्फ्रेंड करने का दबाव न डालें। वरना जिस दिन आपका काट कर जाएगी, सबसे पहले उन्ही ब्लॉक लोगों को एड कर के ऑर्गेज़म लेगी। और ब्लॉक लोगो को लिस्ट तक लाने में महती भूमिका निभाने के लिए उसकी सहेली होगी ही। सावधान रहें सतर्क रहें। क्राइम पेट्रोल के अगले एपिसोड में फिर आपसे मुलाकात होगी।

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